गगन उपग्रहण प्रणाली को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह सैटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली है, जिससे विमान संचालन में सहायता मिलेगी।
गोवा स्थित आईएनएस हंस स्वदेशी उपग्रह प्रणाली गगन पर आधारित आवश्यक नेविगेशन प्रदर्शन (आरएनपी) दृष्टिकोण के साथ संवर्धित होने वाला दक्षिण-एशिया प्रशांत क्षेत्र का पहला संयुक्त उपयोग वाला अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन गया है। गगन उपग्रहण प्रणाली को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह सैटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली है, जिससे विमान संचालन में सहायता मिलेगी।
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नौसेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि आरएनपी दृष्टिकोण से नेविगेशन के लिए अत्यधिक उच्च फ्रीक्वेंसी वाले ओमनी डायरेक्शनल रेडियो (वीओआर) और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम जैसे जमीन आधारित उपकरणों पर निर्भरता कम होगी। यह आरएनपी दृष्टिकोण श्रेणी-I आईएलएस की सटीकता प्रदान करेगा। प्रवक्ता ने कहा कि यह क्षमता भारतीय नौसेना और एएआई के समर्पित और ठोस प्रयासों के जरिये हासिल हो सकी है।
आईएनएस हंस और मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच इस आशय के संबंध में समझौता पत्र तैयार करने के लिए एएआई के अधिकारियों की एक टीम ने पिछले साल 7-8 अप्रैल को एयर स्टेशन का दौरा किया था।