रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में नौसेना के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस आयोजन के दौरान भारत की स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। परमाणु शक्ति और बैलिस्टिक मिसाइल से लैस देश की इस तीसरी पनडुब्बी के नौसेना में शामिल होने से सेना की ताकत बढ़ी है। कमीशन किए जाने से पहले रक्षा मंत्री ने आज अपने एक्स हैंडल पर लिखा- 'शब्द नहीं शक्ति है, ‘अरिदमन’!'
अरिदमन बड़ी और अधिक शक्तिशाली, नौसेना को एक और सौगात...
आईएनएस अरिदमन आकार और क्षमता के लिहाज से पहले वाली दोनों पनडुब्बियों से बड़ी और अधिक शक्तिशाली है। इस श्रृंखला में बनाई जा रही चौथी एसएसबीएन फिलहाल समुद्री परीक्षण (सी ट्रायल) के दौर में है। इसे अगले वर्ष नौसेना में शामिल किए जाने की संभावना है। चौथी पनडुब्बी भी अरिदमन श्रेणी की ही होगी।
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आईएनएस तारागिरी के बारे में और जानिए
मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) की और से निर्मित यह फ्रिगेट अपने पूर्ववर्ती डिजाइनों की तुलना में एक पीढ़ीगत छलांग का प्रतिनिधित्व करता है। इसका आकार और रडार क्रॉस-सेक्शन में उल्लेखनीय कमी इसे घातक स्टील्थ तकनीक से संचालित करने में सक्षम बनाती है। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से युक्त यह जहाज घरेलू औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें अब 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं।