अमेरिका द्वारा वीजा पर सख्ती का भारतीय कंपनियों पर असर सामने आने लगा है। वीजा मुद्दों से निपटने के लिए इन्फोसिस अगले दो साल में 10,000 अमेरिकियों को नौकरी देने जा रही है। कंपनी वहां चार प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष केंद्र भी खोलेगी। नए केंद्र के जरिए कंपनी की कृत्रिम बुद्धिमता, मशीनी ज्ञान, क्लाउड और बिग डेटा जैसी नई प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कारोबार विस्तार की योजना भी है।
इन्फोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने बताया कि पहला नवोन्मेष केंद्र इसी साल अगस्त में इंडियाना में खोला जाएगा। यहां 2021 तक 2000 अमेरिकियों को रोजगार मिलेगा। तीन अन्य केंद्रों के स्थानों के बारे में अगले फैसला जल्द ही लिया जाएगा। इन केंद्रों में प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान कृत्रिम बुद्धि और आभासी प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। यहां तक कि पुरानी परियोजनाओं को भी अब ज्यादा ऑटोमेटिक बनाया जा रहा है। सिक्का ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अब ज्यादा से ज्यादा काम नवीन प्रौद्योगिकी के साथ आधुनिक होता जा रहा है, ऐसे में वैश्विक और स्थानीय कुशल कर्मियों का मिलाजुला कार्यबल चाहिए। अब परंपरागत तरीकों पर फिर से विचार करने की जरूरत है।