भारत द्वारा विकसित किया जा रहा सौर ऊर्जा से चलने वाला ड्रोन इन्फिनिटी आकाश में न केवल 65 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ सकता है बल्कि बिना जमीन पर उतरे लगातार तीन महीने तक काम कर सकता है। इसका विकास तेजी से जारी है और सभी मानकों पर खरा उतरा तो अगले 5 वर्ष में इसे सैन्य व नागरिक दोनों तरह के कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (कैट्स) के तहत बंगलूरु का एक स्टार्टअप इसे तैयार कर रहा है। फंडिंग एचएएल द्वारा की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में दुश्मन पर आसमान से हमलों में ड्रोन का उपयोग बढ़ने जा रहा है।
हर मौसम में करेगा काम
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरिक्ष में एक उपग्रह को भेजने के लिए होने वाले खर्च के मुकाबले इन्फिनिटी काफी सस्ता साबित होगा। यह हर मौसम में काम करता है। वे क्षेत्र जहां दूरसंचार खासतौर से 4जी व 5जी इंटरनेट सेवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां इसके जरिए यह सेवाएं दी जा सकेंगी।
बालाकोट जैसे हमले में करेगा मदद
इन्फिनिटी में लगे सेंसर और रडार इसे नियंत्रित करने में मदद करते हैं। किसी लक्ष्य को भेदने या निर्धारित मार्ग पर चलने में मदद भी करते हैं। इससे किसी खास क्षेत्र की निगरानी हो सकती है। वीडियो वह तस्वीरें लेकर कमान सेंटर पर भेजी जा सकती हैं। बालाकोट हवाई हमले जैसी स्ट्राइक में इन्फिनिटी उपयोगी जानकारियां जुटा सकता है।
बाढ़-भूकंप के वक्त भी होगा मददगार
किसी भी तरह की आपदा में इस ड्रोन से हालात की जानकारी लेने और फंसे हुए लोगों की खोजबीन में मदद मिल सकती है। इसमें लगे इंफ्रारेड कैमरा और अन्य उपकरणों में इन्फिनिटी बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, हिमस्खलन और जंगलों में लगी आग के दौरान बचावकर्मियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इसे तटीय क्षेत्रों की निगरानी में भी लगाया जा सकता है।