औद्योगिक घरानों, नौकरशाहों और राजनेताओं के बीच गठजोड़ के कारण कई कॉरपोरेट घोटाले हुए हैं। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।
कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा को एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि मंत्रालय के अधीन काम करने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने जांच के बाद ऐसे मामलों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। इन मामलों में उचित न्याय के पर्याप्त प्रावधान हैं।
उन्होंने बताया कि बीते तीन वित्तीय वर्षों में 338 कंपनियों के खिलाफ एसएफआईओ को जांच के आदेश जारी किए गए थे। धोखाधड़ी जांच कार्यालय ऐसे मामलों में 2013-14 से 2015-16 के दौरान 208 मुकदमें भी दर्ज कर चुका है।