राजवाड़ा रेप मामले में इंदौर के लोग बेहद गुस्से में हैं। यही वजह है कि आरोपी को जिला कोर्ट ले जाया गया तो कुछ वकीलों समेत लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर डाली। इससे पहले बार एसोसिएशन ने भी बड़ा फैसला लिया है। जिससे साबित हो रहा है कि देश बलात्कारियों के प्रति कितना उग्र है। बार एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि वह कोर्ट में किसी भी बलात्कार के आरोपी की पैरवी नहीं करेगी।
देश भर में रेप की बढ़ती घटनाओं की खबरों ने लोगों को झकझोर दिया है। यही वजह है कि वकीलों से लेकर आम जनता भी आरोपियों को देख अपना गुस्सा काबू नहीं कर पा रहे हैं। जहां पुलिस के लिए चुनौती ये है कि आरोपी को सुरक्षित कोर्ट तक पहुंचाए, वहीं देश की जनता दरिंदों को किसी भी हाल में माफ नहीं करना चाहती। लेकिन कानूनी तौर से जब तक आरोप सिद्ध ना हो किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता। ऐसे में विडंबना ये है कि हालत कैसे काबू किया जाएं।
वैसे आरोप है कि मामले में एक रिश्तेदार ने ही चार महीने की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने के बाद उसे जमीन पर पटक-पटककर उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया गया कि शव को कब्जे में लेने पहुंचे पुलिसवालों के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उन्होंने मासूम की हालत देखी। दूसरी ओर मां और परिजन बच्ची के साथ हुए हादसे पर यकीन नहीं कर पा रहे थे।
शुक्रवार सुबह करीब 12.30 बजे ही अपार्टमेंट के बेसमेंट में 4 महीने का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। दरिंदगी का खुलासा उस वक्त हुआ जब अपार्टमेंट का कर्मचारी बेसमेंट में किसी काम से गया। उसने बेसमेंट की सीढ़ियों को खून से सना हुआ पाया। जैसे ही उसने बेसमेंट में एंट्री की तो बच्ची का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था, जो कि अर्धनग्न हालत में था।