चार वर्ष पहले इंडोनेशिया से लाए गए गन्ने के दो टुकडे़ ग्राम दीवालहेड़ी में धूम मचा रहे हैं। नवंबर में बोए गए इस गन्ने की फसल की लंबाई करीब 20 फुट और एक गन्ने का वजन लगभग 4 से 5 किलो है। अधिक लंबाई होने के चलते इस गन्ने को कई स्थानों से सीढ़ी लगाकर बांधने के अलावा बांसों का सहारा देकर गिरने से रोका गया है।
आधा बीघा खेत में खड़ा यह गन्ना क्षेत्रवासियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ग्राम दीवालहेड़ी के किसान अनिल सिंह के चाचा मदनपाल सिंह इंडोनेशिया में टैक्सटाइल इंजीनियर है। वे वहां से करीब चार वर्ष पहले गन्ने की दो कांछी (टुकडे़) को लेकर आए थे। अनिल ने उन टुकड़ों की अपने खेत में बुवाई की।
इनमें से अंकुरित हुए एक आंख से चार वर्ष में उन्होंने करीब आधा बीघा गन्ना तैयार कर लिया। हालांकि उन्हें गन्ने की इस प्रजाति का नाम तक मालूम नहीं है। ट्रेंच विधि से 11 नवंबर में बोए गए इस गन्ने की लंबाई इस समय 20 फुट है और एक गन्ने का वजन 4 से 5 किलो के करीब है।