भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो और गोएयर को अपने विमानों के इंजनों की जांच करने और उनमें आ रही समस्या को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि ये निर्देश इंडोनेशिया में हुए विमान हादसे को ध्यान में रखकर दिए गए हैं। डीजीसीए ने इंडिगो और गोएयर को 15 प्रैट एंड व्हिटनी इंजनों में समस्या को लेकर आदेश जारी किया है, जो इन दोनों कंपनियों के ए-320 नियो विमानों में लगे हुए हैं।
बता दें कि प्रैट एंड व्हिटनी इंजनों में समस्या के चलते इन दोनों कंपनियों को इस साल के शुरू में भी अपने 82 विमानों को उड़ान भरने से रोकना पड़ा था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने तब अपने अमेरिकी समकक्ष फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) की तरफ से जारी की गई एडवाइजरी के आधार पर इन विमानों को रोका था।
एफएए ने प्रैट एंड व्हिटनी के इंजनों में हाई प्रेशर कंप्रेशर फ्रंट हब कॉरिसन को बदले जाने की आवश्यकता जताई थी। इंडिगो के 13 विमान और गोएयर के 2 विमानों के इंजन इसके दायरे में आ रहे हैं। दोनों कंपनियों को इसमें सुधार के लिए 12 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
सूत्रों ने ये भी बताया कि डीजीसीए ने जेट एयरवेज और स्पाइसजेट को भी उनके 6 बोइंग-737 मैक्स विमानों में एक सेंसर को लेकर जांच के लिए सतर्क किया है। ये वैसे ही बोइंग विमान हैं, जैसा पिछले महीने के अंत में इंडोनेशिया के समुद्र में गिर गया था। उस हादसे में 180 लोग मारे गए थे। हालांकि इन दोनों कंपनियों को निर्देश दिए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है।