आईटीबीपी या भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की स्थापना साल 1962 में की गई थी। ये बल विशेष केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। आईटीबीपी के जवान लद्दाख के काराकोरम से अरुणाचल प्रदेश के जचेप ला तक 3,488 किलोमीटर भारत-चीन सीमा पर तैनात हैं।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के पर्वतारोहियों ने इतिहास रच दिया है। आईटीबीपी के जवानों ने उत्तरी सिक्किम में स्थित माउंट डोम खांग पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। गौरतलब है कि माउंट डोम खांग समुद्रतल से 7,250 मीटर यानी 23,786 फीट पर स्थित है। आईटीबीपी ने इसकी जानकारी दी।
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आईटीबीपी ने रचा इतिहास
अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करके आईटीबीपी ने शनिवार को बताया कि उसके शीर्ष पर्वतारोहियों की दो टीमों ने 22 और 23 सितंबर को देश के ऊंचे पहाड़ों में से एक- माउंट डोम खांग पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। फोर्स ने यह भी बताया कि देश के किसी भी दल द्वारा इस चोटी पर पहली बार सफलता पूर्वक चढ़ाई की गई है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि आईएमएफ के रिकॉर्ड के अनुसार यह किसी भी दल द्वारा इस चोटी पर पहली चढ़ाई है। आईटीबीपी जवानों ने इस पर्वत पर चढ़ाई करके भविष्य के अभियानों के लिए भी रास्ता खोल दिया है।
आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि लगातार दो दिनों में दो टीमों ने इस पर्वत चोटी पर चढ़ाई की। पहली टीम जिसे रोप वन कहा जा रहा है, उसका नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट अनूप कुमार ने किया वहीं, रोप-2 का नेतृत्व कमांडेंट रतन सिंह सोनल कर रहे थे। इन दोनो टीमों में एक महिला कर्मी सहित कुल 13 कर्मी शामिल थे। इन दोनों टीमों को 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तत्वावधान में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत रवाना किया गया था।
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गौरतलब है कि आईटीबीपी या भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की स्थापना साल 1962 में की गई थी। ये बल विशेष केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। आईटीबीपी के जवान लद्दाख के काराकोरम से अरुणाचल प्रदेश के जचेप ला तक 3,488 किलोमीटर भारत-चीन सीमा पर तैनात हैं।