भारत और रूस की वायुसेनाएं अभियान संबंधी समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से जोधपुर में सोमवार से 12 दिवसीय युद्धाभ्यास शुरू करेंगी। भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि ‘एवीइंडर’ नाम का अभियान अद्वितीय होगा क्योंकि रूस की वायुसेना अपना साजोसामान लेकर नहीं आएगी और वह युद्धाभ्यास में भारतीय उपकरणों का इस्तेमाल करेगी।
अधिकारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना द्वारा इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर लड़ाकू विमान रूसी मूल के ही हैं और दोनों देशों की वायुसेनाएं आपसी तालमेल के महत्वपूर्ण स्तरों को छू चुकी हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में, ‘रशियन फेडरेशन ऐयरोस्पेस फोर्स’ के पायलट भारतीय वायुसेना के विमानों में भारतीय पायलटों के साथ उड़ान भरेंगे जो दोनों वायुसेनाओं में समान हैं।