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Indo-Pak Tension: पड़ोसी को आर्थिक मोर्चे पर घेरने की तैयारी; आज IMF में पाकिस्तानी फंडिंग रोकने को कहेगा भारत

Fri, 09 May 2025 06:16 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत अब आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान को आर्थिक मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर रहा है। आज अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बोर्ड बैठक होनी है, जिसमें भारत आईएमएफ से पाकिस्तान को दिए गए ऋणों की समीक्षा करने को कहेगा। भारत का कहना है कि पड़ोसी मुल्क अंतरराष्ट्रीय मंचों से मिलने वाली आर्थिक सहायता और ऋण का उपयोग भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में करता है।
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भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। बृहस्पतिवार शाम को पाकिस्तान ने जम्मू, पंजाब के पठानकोट और राजस्थान के जेसलमेर में ड्रोन और मिसाइल हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। अब भारत आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान पर आर्थिक शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। इस रणनीति के तहत भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पाकिस्तान को दिए गए ऋणों की समीक्षा करने को कहा है।

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आज आईएमएफ में उठेगा पाकिस्तान की फंडिंग रोकने का मुद्दा
बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में विदेश सचिव मिस्री ने बताया, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पाकिस्तान की फंडिंग रोकने का मुद्दा शुक्रवार को होने वाली बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, आईएमएफ में हमारे स्थायी कार्यकारी निदेशक नियुक्त हैं। बोर्ड की बैठक में वह यह मुद्दा उठाएंगे।

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आईएमएफ से बेलआउट पैकेज की समीक्षा की भारत की मांग
भारत ने आईएमएफ के समक्ष पाकिस्तान को दिए गए ऋण पर चिंता जताई और इसकी समीक्षा करने की मांग की है। सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान ऋण से मिले पैसों का इस्तेमाल आतंकी हमलों और नापाक गतिविधियों में कर रहा है। आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड विस्तारित वित्तपोषण सुविधा की पहली समीक्षा के लिए 9 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात करेगा। आईएमएफ बोर्ड अपने जलवायु लचीलापन ऋण कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान के लिए 1.3 अरब डॉलर की नई व्यवस्था का मूल्यांकन करेगा। साथ ही वह पहले जारी 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज का भी आकलन करेगा।
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भारत एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक से पुनर्विचार करने को कहेगा भारत
पिछले साल एशियाई विकास बैंक ने पाकिस्तान को 764 सार्वजनिक क्षेत्र के ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसकी कुल कीमत 43.4 अरब डॉलर है। इसके अलावा इस साल जनवरी में विश्व बैंक ने पाकिस्तान के लिए 20 अरब डॉलर के ऋण पैकेज को मंजूरी दी थी, ताकि नकदी की कमी से जूझ रहे देश को अपनी चुनौतियों से उबरने में मदद मिल सके। भारत एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक से पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद और ऋण पर पुनर्विचार करने को कहेगा। भारत का कहना है कि पड़ोसी मुल्क अंतरराष्ट्रीय मंचों से मिलने वाली आर्थिक सहायता और ऋण का उपयोग भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में करता है।

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