भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर इस महीने की 20 और 21 तारीख को लाहौर में स्थायी सिंधु आयोग की बैठक होगी। उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत ने इस वार्ता को स्थगित कर दिया था।
वर्ष 1960 में दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि के मुताबिक दोनों देशों के लिए साल में कम से कम एक बार आयोग की बैठक करना अनिवार्य है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भारत के सिंधु जल आयुक्त और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे। इससे पहले आयोग की मई 2015 में बैठक हुई थी।
भारत सरकार पाकिस्तान के साथ इस बातचीत को ज्यादा महत्व देती नहीं दिख रही है। उसने कहा है कि बातचीत का मतलब दोनों देशों के बीच सरकार के स्तर पर बातचीत बहाल होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। उड़ी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि खून और पानी दोनों एक साथ नहीं बह सकता।