देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इन दिनों कई कारणों से खबरों में बनी हुई है। 2 दिसंबर 2025 को जारी आधिकारिक रिपोर्ट में उसकी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस सबसे खराब पाई गई। इसके साथ ही कई एयरपोर्ट्स पर उड़ानें देरी से चलने और कैंसिल होने की घटनाएँ भी बढ़ीं। एयरलाइन कंपनी ने भी स्वीकार किया है कि तकनीकी दिक्कतों, एयरपोर्ट भीड़ और ऑपरेशनल समस्याओं की वजह से हाल में उसकी सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
इंडिगो ने बुधवार को भी 70 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। इनमें बेंगलूरू और मुंबई हवाई अड्डों से जाने वाली उड़ानें भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्य रूप से चालक दल की कमी के कारण विमानों को रद्द करना पड़ा। इंडिगो की कई उड़ानें विभिन्न हवाई अड्डों पर लेट रहीं, क्योंकि कंपनी को अपनी उड़ानों के संचालन के लिए चालक दल जुटाने में परेशानी हुई। इंडिगो ने भी स्वीकार किया है कि उड़ानें रद्द की गई हैं और देरी हुई है।
2 दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक उस दिन देश में कुल 3,189 घरेलू डिपार्चर और 3,172 अराइवल हुए। यानी 6,361 एयरक्राफ्ट मूवमेंट दर्ज किए गए और एयरपोर्ट फुटफॉल करीब 9.93 लाख रहा। इतनी भारी आवाजाही के बीच इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस बेहद गिरकर सिर्फ 35 प्रतिशत पर रह गई है। अन्य एयरलाइंस की तुलना में इंडिगो का ओटीपी प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा और एलायंस एयर ने उससे काफी बेहतर समय पालन दिखाया। जहां स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 67 प्रतिशत से 82 प्रतिशत के बीच रही, वहीं इंडिगो इस सूची में सबसे नीचे दर्ज की गई।
वहीं, दूसरी तरफ एयरलाइन पर 117.52 करोड़ रुपये का जुर्माना भी थोप दिया गया है। कंपनी के मुताबिक, सीजीएसटी कोच्चि कमिश्नरेट ने इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले में यह पेनल्टी जारी की है। विभाग ने 2018–19 से 2021–22 तक इंडिगो द्वारा लिए गए ITC दावों को खारिज करते हुए डिमांड नोटिस और जुर्माना लगाया। इंडिगो ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि विभाग का आदेश गलत है और कंपनी इसे चुनौती देगी। एयरलाइन का दावा है कि इस कार्रवाई का उसकी वित्तीय स्थिति, ऑपरेशंस या बाकी गतिविधियों पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के बाहरी टैक्स सलाहकारों का भी मानना है कि इंडिगो का केस मजबूत है और फैसला उनके पक्ष में आ सकता है।