इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट पांचवें दिन में पहुंच गया है और बीते पांच दिनों में इंडिगो की 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। इंडिगो देश की सबसे बड़े घरेलू एयरलाइन है। ऐसे में इंडिगो के संकट से देश के पूरे हवाई यातायात को बुरी तरह से प्रभावित किया है और लाखों लोगों को इससे भारी परेशानी हुई है।
इंडिगो एयरलाइन में जारी परिचालन संकट और यात्रियों की परेशानी बदस्तूर जारी है। शनिवार को अभी तक 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुबह 6 बजे तक ही 19 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं। देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी ऐसा ही हाल है। तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर भी शनिवार को छह घरेलू उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। शुक्रवार को इंडिगो का परिचालन लगभग ठप रहा और दिनभर में इंडिगो की 1000 उड़ानें रद्द हुईं। वहीं 4 दिसंबर को 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इस तरह बीते पांच दिनों में इंडिगो की 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं और देश का हवाई यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
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देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर सैंकड़ों उड़ानें रद्द
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइन की 106 (54 प्रस्थान और 52 आगमन) उड़ानें रद्द हुई हैं। मुंबई हवाई अड्डे पर सुबह 9 बजे तक 109, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड पर 108 उड़ानें रद्द हुई हैं। वहीं पुणे हवाई अड्डे पर शनिवार को इंडिगो की 42 उड़ानें रद्द हुई हैं। जिनमें से 14 आगमन और 28 प्रस्थान उड़ाने हैं। हैदराबाद एयरपोर्ट पर इंडिगो की 69 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं, जिनमें 26 आगमन और 43 प्रस्थान उड़ानें हैं।
तीन लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित
इंडिगो संकट के चलते सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है और बीते चार दिनों में 3 लाख से ज्यादा लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली इंडिगो की सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं थीं। कई यात्री 24 घंटे से ज्यादा समय से हवाई अड्डों पर फंसे हैं। हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल है। हालात को देखते हुए सरकार को अपने रुख में नरमी करनी पड़ी और डीजीसीए ने फिलहाल एफडीटीएल नियमों में छूट देने का एलान कर दिया है। इसके तहत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने चालक दल के सदस्यों के लिए साप्ताहिक विश्राम से जुड़े अपने हालिया सख्त निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। हालांकि सरकार ने इंडिगो के खिलाफ एक्शन लेने की बात भी कही है। इस बीच, पायलटों के संगठन, एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (ALPA) इंडिया ने डीजीसीए द्वारा इंडिगो को राहत देने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि इस छूट ने न सिर्फ़ रेगुलेटरी बराबरी को खत्म होगी बल्कि लाखों यात्रियों को भी खतरे में डाला गया है।
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सरकार ने इंडिगो एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक बयान में कहा है कि नए एफडीटीएल नियम 1 नवंबर से लागू हैं और किसी अन्य एयरलाइन को नए नियमों से दिक्कत नहीं हुई। इससे साफ है कि गलती इंडिगो एयरलाइन की है। उन्होंने कहा कि इंडिगो की लापरवाही की जांच होगी और कार्रवाई होगी। इंडिगो एयरलाइन खुद भी स्वीकार कर चुकी है कि उससे योजना के स्तर पर लापरवाही हुई और वे स्थिति का सही आकलन नहीं कर सके, जिसके चलते नए नियम लागू करने पर क्रू का संकट पैदा हो गया, जिससे परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
सरकार का निर्देश- उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जाए
देश भर में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है और छुट्टी और क्रिसमस के चलते हवाई अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ है। ऐसे समय में इंडिगो संकट ने हालात को विकट कर दिया है। स्थिति को लेकर यात्रियों में भारी गुस्सा है। संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कंट्रोल रूम शुरू किया है। साथ ही सरकार ने उड़ान रद्द होने पर पूर्ण रिफंड देने का निर्देश जारी किया है। दिव्यांगों-बुजुर्गों को विशेष मदद, बहुत देरी होने पर होटल और रियल-टाइम अपडेट देने के निर्देश भी मिला है। नियमानुसार फ्लाइट कैंसिल या 6 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा किराया वापस करने या दूसरी फ्लाइट से यात्रा कराने का नियम है। रात 8 बजे से सुबह 3 बजे की उड़ान 6 घंटे से ज्यादा लेट हो, तो होटल+एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।