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Covid-19: कोरोना के एक और स्वरूप के खिलाफ भारत में बनेगा टीका, काम करेगी भारत बायोटेक

Wed, 28 Jun 2023 06:04 AM IST
वीरेंद्र शर्मा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत बायोटेक कंपनी के वैज्ञानिकों की एक टीम उच्च स्तरीय प्रयोगशाला में इस जीवित वायरस पर टीका बनाने में जुटी हुई है। इसी टीम ने 2020 में कोरोना वायरस के वुहान स्वरूप को लेकर देश का पहला कोरोनारोधी स्वदेशी कोवाक्सिन टीका तैयार किया।
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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कोरोना वायरस के एक और स्वरूप के खिलाफ जल्द ही स्वदेशी टीका उपलब्ध होगा। हाल ही में पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) ने ओमिक्रॉन स्वरूप से निकले एक्सबीबी.1.16 उप स्वरूप को पृथक करने में कामयाबी हासिल की है। एनआईवी ने इस जीवित विषाणु के आधार पर टीका विकसित करने के लिए हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी को सौंप दिया है।
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भारत बायोटेक कंपनी के वैज्ञानिकों की एक टीम उच्च स्तरीय प्रयोगशाला में इस जीवित वायरस पर टीका बनाने में जुटी हुई है। इसी टीम ने 2020 में कोरोना वायरस के वुहान स्वरूप को लेकर देश का पहला कोरोनारोधी स्वदेशी कोवाक्सिन टीका तैयार किया। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि एक्सबीबी.1.16 उप स्वरूप इसी साल पहली बार भारत में देखा गया। बीते मार्च से लेकर अब तक करीब 40 फीसदी से ज्यादा मामलों में यही स्वरूप देखने को मिल रहा है।

नए उपस्वरूप का यह है जीनोमिक डाटा
वैज्ञानिकों ने एक्सबीबी.1.16 उप वैरिएंट का जीनोमिक डाटा भी साझा किया है जिसके मुताबिक बीते मई और अब जून के महीने में 44.4 फीसदी कोरोना मरीजों में वायरस का यह स्वरूप पाया गया। बीते 16 सप्ताह के आंकड़े बता रहे हैं कि यह उप वेरिएंट लगातार बढ़ रहा है। एक से 25 जून के बीच कोरोना संक्रमित मिलने वाले रोगियों में 55.6 फीसदी इसी उप वेरिएंट की चपेट में आए हैं जो लगभग हर दूसरा मरीज होने की पुष्टि कर रहा है।
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मंत्री समूह को भी दी सूचना
आईसीएमआर ने 17 मई को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री समूह को जानकारी देते हुए बताया कि एनआईवी के वैज्ञानिकों की टीम कोरोना वायरस के नए स्वरूप को आइसोलेट कर रही है ताकि इसे टीका विकसित करने के लिए भारत बायोटेक कंपनी को सौंपा जा सके जिससे आईसीएमआर का पहले करार हुआ है। एक्सबीबी.1.5 उप स्वरूप से मिलता-जुलता...यह काफी हद तक एक्सबीबी.1.5 उप वैरिएंट से मिलता-जुलता है, लेकिन एक्सबीबी.1.16 के स्पाइक प्रोटीन में अतिरिक्त म्यूटेशन हैं। इसका मतलब यह है कि जिन लोगों ने पहले टीकाकरण कराया है उन्हें भी यह अपनी चपेट में ले सकता है। यही कारण है कि भारतीय वैज्ञानिकों ने इस उप स्वरूप के खिलाफ भी टीका बनाने का विचार किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि देश की मौजूदा स्थिति काफी नियंत्रित है। बीते 24 घंटों में 80 नए मामले सामने मिले हैं जबकि 1670 सक्रिय मामले हैं।
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