देश में कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बनी मुंबई में अब कोरोना मरीजों के उपचार में योग, ध्यान और आध्यात्म का भी सहारा लिया जाएगा। इसके लिए मुंबई में कोविड केयर आश्रम बनाया गया है, जहां दवा के साथ ही योग के माध्यम से कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार होगा।
बांबे पोर्ट ट्रस्ट ने दक्षिण मुंबई स्थित अपने अस्पताल परिसर में ही दो एकड़ क्षेत्र में कोविड केयर आश्रम का निर्माण किया है। जहां मरीजों के लिए 70 बेड की व्यवस्था की गई है। आश्रम में योग, ध्यान, सूर्य की किरण (सन बाथ), सैर, प्रवचन, ईश्वर की वंदना समेत अन्य तरीके से मरीजों की रोग प्रतिकारक क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
बांबे पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय भाटिया के अनुसार, कोरोना मरीजों की वजह से अस्पतालों पर लगातार बढ़ते बोझ को कम करने के लिए आश्रम तैयार किया गया है। आश्रम में मरीजों को अपने कपड़े पहनने की अनुमति होगी। भाटिया ने कहा कि कोरोना मरीजों के लिए बनाया गया यह देश का पहला आश्रम है। आश्रम में कोरोना वायरस से संक्रमित 50 वर्ष से कम आयु के मरीजों का उपचार किया जाएगा।
इस तरह होगा उपचार
आश्रम द्वारा मरीजों की पूरी दिनचर्या निर्धारित की गई है। इसके तहत मरीजों से रोजाना एक घंटा योग, 90 मिनट ध्यान और करीब 30 मिनट तक उनसे आध्यात्मिक चर्चा की जाएगी। पीड़ितों की सेहत में कैसे सुधार हो रहा इसका पता लगाने के लिए दिन में दो बार उनका मेडिकल चेकप भी किया जाएगा।
ऑनलाइन योग
कोविड केयर आश्रम में बने कमरे में सूरज की रोशनी पहुंच सके इसका विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक मरीज के लिए बेड, चेयर और अलग से पंखे की व्यवस्था की गई है। योग के लिए विशेष हॉल तैयार किया गया है। वीडियो और तकनीक की सहायता से मरीजों को योग सिखाया जाएगा।