भारत और पाकिस्तान की सीमा पर बनी टेंशन का असर रिश्तों पर भी नजर आने लगा है। जिन मुस्लिमों के सगे संबंधी पाकिस्तान में रह रहे हैं वह उन्हें फोन करके वहां की हुकूमत पर खूब आरोप लगाते रहते हैं। कभी आतंकियों को पनाह देने की बात कही जाती है तो कभी सीमा पर तनाव पैदा करने की। कइयों ने तो अपनों को वापस मुल्क लौट आने को भी कहना शुरू कर दिया है। कहते हैं... हमारे भारत देश जैसा कोई देश नहीं है।
भारत में रहने वाले कई मुस्लिमों के परिवार वाले पाकिस्तान में भी रह रहे हैं। किसी का भाई वहां है तो किसी का मामा। शादी-विवाह में एक दूसरे के यहां आना-जाना भी लगा रहता है। लेकिन भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में पैदा होने वाले तनाव ने इनके संबंधों में भी कहीं न कहीं कड़वाहट जरूर घोल दी है। जब भी पाकिस्तान की तरफ से कोई हरकत होती है तो भारत में रहने वाले मुस्लिम अपनी नाराजगी पाक में रहने वाले रिश्तेदारों से जरूर व्यक्त कर देते हैं।
मथुरा में दरेसी रोड निवासी मोहम्मद रियाजुद्दीन कहते हैं कि करांची में उनके मौसा का परिवार है। जब भी वह बात करते हैं तब हालातों पर चर्चा हो ही जाती है। कहते हैं कि वह तो अपने मौसेरे भाइयों से भी कह देते हैं कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह दे रहा है। नवाज शरीफ की सरकार फेल है। वृंदावन निवासी इब्राहिम के मामा करांची में रहते हैं। इब्राहिम का कहना है कि खैर खबर पूछते वक्त हालातों पर चर्चा हो ही जाती है। हम तो कह भी देते हैं कि एक दिन आतंकवादी ही पाकिस्तान को बर्बाद कर देंगे।