भारत के कोलकाता में एक छोटा सा शहर है। यह पुराने चाइनाटाउन नाम से प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि यहां चीनी मूल के नागरिक रहते हैं। भले ही चीन के साथ भारत का संघर्ष काफी लंबा है लेकिन यह लोग भारत का ही समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि हम चाहते हैं कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हम भारत की सेना का पूर्ण समर्थन करते हैं। बता दें, चीनी मूल के कुछ नागरिक भी इस लोकसभा चुनाव में मतदान करेंगे। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने और भारत को अपना समर्थन देने के लिए उत्साह व्यक्त किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों के पूर्वज उस वक्त भारत आए थे, जब चीन शाही शासन के अधीन था। कई लोगों का तो जन्म भी यहीं हआ है। वे सभी अब भारतीय संस्कृति में रच बस चुके हैं। पुराने चाइनाटाउन में कभी 20 हजार लोग रहते थे पर अब यह आबादी समिट कर 2000 रह गई है। आबादी घटने का मुख्य कारण है कि कई लोग या तो दूसरे शहर में चले गए हैं या फिर विदेश।
चीनी नागरिकों का यह इलाका अब पर्यटन क्षेत्र बन चुका है
चीनी मूल के नागरिक कोलकाता के टायरेटा बाजार और तंगरा क्षेत्र में रहते हैं। टायरेटा बाजार पुराने चाइनाटाउन के नाम से प्रसिद्ध है। टायरेटा बाजार कोलकाता उत्तर तो तंगरा कोलकाता दक्षिण संसदीय क्षेत्रों में आता है। दोनों ही सीटों पर एक जून को मतदान होगा। टायरेटा बाजार और तंगरा दोनों अब पर्यटन का केंद्र बन गए हैं। एक चीनी काली मंदिर चाइनाटाउन क्षेत्र में स्थित है, जबकि एक चीनी मंदिर जो टायरेटा बाजार में स्थित है, वह भी एक पर्यटक आकर्षण केंद्र बन गया है।
भारत का नागरिक होने पर गर्व है
टायरेटा बाजार में रहने वाले अखालू (67) ने बताया कि मैं यहीं पैदा हुआ हूं। एक भारतीय के रूप में मुझे गर्व होता है। हम हमेशा भारत का समर्थन करते हैं। हम भारतीय सेना और पुलिस का समर्थन करते हैं। हम भारत के लोगों का सम्मान करते हैं। हम भारतीय हैं और हमें इस पर गर्व है। हम चाहते हैं कि भारत हर जगह जीत हासिल करे। अगर भविष्य में कभी भी जरूरत पड़ी तो हम भारतीय सेना के साथ खड़े रहेंगे। वहीं, एक अन्य नागरिक सिनयुआनचिउ ने बताया कि उन्हें भारत का नागरिक होने पर गर्व है। वह अपने जन्मस्थान का समर्थन करते हैं।
ज्यादातर भारतीय खाना ही खाता हूं
सिनयुआनचिउ ने बताया कि मैं भारत में ही पैदा हुआ है। जब से पैदा हुआ हूं, मैंने भारत और भारतीय सेना का ही समर्थन किया है। हम भारतीय हैं। हमें भारतीय संस्कृति से ही प्यार है। हम अपनी अगली पीढ़ियों को भी भारतीय संस्कृति और विरासत के बारे में बता रहे हैं। मुझे भारतीय होने पर बहुत गर्व महसूस होता है। वहीं, इनाटाउन में रहने वाले फ्रांसिन लियू ने बताया कि ईस्ट इंडिया कंपनी उनके पूर्वजों को चीनी मिल में काम करने के लिए कोलकाता लाई थी। चेन मी येइन का कहना है कि हम 1942 से यहां हैं। मेरे दादाजी परिवार के साथ यहां आए थे। मेरा जन्म कोलकाता में हुआ था। हमें यहां रहने पर बहुत गर्व है। हम यहां की संस्कृति का पालन करते हैं। मैं ज्यादातर भारतीय खाना ही खाता हूं।