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Crime In US: अमेरिका में भारतीय युवक की गोली मारकर हत्या, परिवार ने जताई साजिश की आशंका, लगाई न्याय की गुहार

Sun, 07 Jun 2026 02:49 PM IST
अमन तिवारी पीटीआई, हैदराबाद

सार

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में हैदराबाद के 28 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें सुनसान इलाके में बुलाकर साजिश के तहत निशाना बनाया गया। फिलहाल भारतीय महावाणिज्य दूतावास मामले में परिवार की सहायता कर रहा है।
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अपराध (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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अमेरिका के फिलाडेल्फिया में हैदराबाद के रहने वाले 28 साल के एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना पांच और छह जून की दरमियानी रात को हुई। मृतक की पहचान अंशुल कुंचा के रूप में हुई है। अंशुल का परिवार हैदराबाद के पास गुंडलापोचमपल्ली में रहता है। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वे अंशुल के परिवार के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता दे रहे हैं।
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परिवार ने क्या कहा?
अंशुल की बहन तन्वी ने मीडिया को बताया कि उनका भाई नॉर्थ फिलाडेल्फिया की एक बड़ी कंपनी (MNC) में काम करता था। वह अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए शनिवार और रविवार को पिज्जा डिलीवरी का काम भी करता था। तन्वी ने बताया कि अंशुल को सिर में तीन गोलियां मारी गईं और उसे सड़क पर ही छोड़ दिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हमलावरों ने अंशुल से कुछ भी नहीं लूटा। उसका सारा सामान सुरक्षित मिला है।

परिवार ने लगाया साजिश का आरोप
परिवार का आरोप है कि यह कोई सामान्य लूटपाट नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। अंशुल को पिज्जा देने के लिए एक सुनसान और वीरान इलाके में बुलाया गया था। तन्वी ने इसे एक 'जाल' (ट्रैप) बताया। उन्होंने कहा कि हमलावरों का मकसद सिर्फ उनके भाई की जान लेना था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काले मास्क पहने और पीठ पर बैग लटकाए दो बंदूकधारियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
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युवक के साथ पहले भी हुई थी लूटपाट की घटना
अंशुल चार साल पहले पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। तन्वी ने बताया कि इससे पहले भी अंशुल के साथ लूटपाट की एक घटना हुई थी। तब कुछ लोगों ने उसकी चेन, फोन और पैसे छीन लिए थे। परिवार अब भारत के विदेश मंत्रालय से गुहार लगा रहा है कि अंशुल के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए। उन्हें जानकारी मिली है कि सोमवार को शव परिवार को सौंपा जा सकता है।
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अंशुल की बहन ने भावुक होते हुए कहा कि उनका भाई बहुत खुशमिजाज इंसान था। वह अमेरिका नहीं जाना चाहता था, लेकिन परिवार ने उसे वहां भेजा था। उन्होंने अन्य माता-पिता को भी संदेश दिया कि वे अपने बच्चों को अमेरिका न भेजें। परिवार अब सिर्फ इंसाफ चाहता है ताकि अंशुल के हत्यारों को कड़ी सजा मिल सके।
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