भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट एरोस्पेस ने बृहस्पतिवार को एक साथ कई सैटेलाइट ले जाने में सक्षम अपर स्टेज रॉकेट इंजन ‘रमन’ का सफल परीक्षण किया। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक द्वारा स्थापित स्काईरूट एरोस्पेस मेेक इन इंडिया के तहत भारत के पहले निजी रूप से निर्मित अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहन को तैयार कर रहा है।
‘रमन’ एक थ्रीडी प्रिंटेड रॉकेट इंजन है और इसका नाम नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन के नाम पर रखा गया है। स्काईरूट एरोस्पेस के सीईओ और सहसंस्थापक पवन कुमार चंदना ने बताया कि यह परंपरागत रॉकेट इंजन की तुलना में 50 फीसदी हल्का है। इसमें कम पुर्जे लगे हैं जिससे इसका लीड टाइम 80 फीसदी बढ़ जाता है।
इसके अलावा यह कई बार बंद होकर पुन: चालू हो जाता है इस कारण यह एक ही मिशन में कई उपग्रहों को उनकी कक्षाओं में स्थापित करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि इस इंजन का निर्माण अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने की पहल के तहत हुआ है। इसके अतिरिक्त चंदना ने बताया कि कंपनी दो अन्य रॉकेट स्टेज तैयार कर रही हैं जिनका परीक्षण छह महीने के भीतर हो जाएगा।
अगले साल दिसंबर में पहला रॉकेट लांच होगा
स्काईरूट एरोस्पेस अगले साल दिसंबर में अपना पहला रॉकेट ‘विक्रम-1’ नाम से लांच करने की तैयारी में है। यह एक बार में कई उपग्रह को कक्षा में स्थापित करेगा। रॉकेट लांच के लिए स्काईरूट ने अब तक 31.5 करोड़ रुपये का फंड जुटा लिया है और 2021 से पहले अतिरिक्त 90 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है।