फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना के पास मौजूद इंसास की जगह लेंगी एके-203 राइफल, जानें क्या हैं इसकी खासियतें

Mon, 04 Mar 2019 10:05 AM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश का अमेठी जिसे कि कांग्रेस का गढ़ माना जाता है वहां अब दुनिया की सबसे खतरनाक असॉल्ट राइफल एके-203 राइफल का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन किया। इस फैक्ट्री में हर साल 75 हजार एके-203 राइफल बनाई जाएंगी। यह एके-47 राइफल का सबसे उन्नत संस्करण है।

विज्ञापन


एके-203 का मैकेनिज्म एके-47 राइफल की तरह ही है, लेकिन नई राइफल एके-47 की तुलना में ज्यादा सटीक मार करेगी। नई असॉल्ट राइफल में एके-47 की तरह ऑटोमैटिक और सेमी ऑटोमैटिक दोनों सिस्टम होंगे। एक बार ट्रिगर दबाकर रखने से गोलियां चलती रहेंगी।

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में हर साल बनेंगी 75 हजार राइफल

एके-203 राइफल आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) और रूस की कंपनी कंसर्न क्लानिश्नकोव के बीच रक्षा सौदे पर करार हुआ है। भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम में लगभग 7.5 लाख राइफलों का निर्माण होगा। ओएफबी के उपमहानिदेशक गगन चतुर्वेदी ने बताया कि यह ब्रह्मोस की तरह का संयुक्त उपक्रम मॉडल है। यहां न सिर्फ राइफलों को बनाया जाएगा, बल्कि भारत से इनका निर्यात भी किया जाएगा।

चतुर्वेदी ने बताया कि यह राइफल पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत भारत में ही बनाई जाएंगी। करार में ओएफबी के पास 50.5 फीसदी शेयर, जबकि रूस के पास 49.5 फीसदी शेयर होंगे। इससे पहले, भारत ने अमेरिका से 72,400 असॉल्ट राइफलें खरीदने के लिए 700 करोड़ रुपये का करार किया था। करार के मुताबिक एक साल के भीतर अमेरिका की सिग सौयर कंपनी 7.62 एमएम की 72,400 राइफल भारत को सौंपेगी। 

इंसास राइफल की जगह लेगी एके-203

भारतीय सेना के पास इस समय इंसास (इंडिया स्मॉल आर्म्स सिस्टम) राइफलें हैं। इन्हें आधुनिक और उन्नत तकनीक वाली राइफल से बदलना जरूरी हो गया था। एके-203 असॉल्ट राइफल मिलने से भारतीय सेना की ताकत में इजाफा होगा। किसी भी ऑपरेशन में जवान आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा रात में होने वाले सैन्य ऑपरेशन में भी यह काफी कारगर होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है एके-203 की खासियतें

10 साल पहले भी की थी पेशकश

रूस ने 10 साल पहले भी भारतीय सेना के लिए एके-47 राइफल के अपग्रेड वर्जन की पेशकश की थी। तब दोनों देशों के बीच एके-103 राइफल पर बात हुई थी, लेकिन करार नहीं हो सका था। अब भारत सरकार और रूस के बीच सबसे नवीनतम वर्जन एके-203 पर सहमति बनी है। 

देश के सैनिकों को मिलेगी बढ़त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मेड इन अमेठी एके-203 राइफलों से आतंकियों और नक्सलियों के साथ होने वाली मुठभेड़ों से हमारे सैनिकों को निश्चित रूप से बढ़त मिलेगी। यह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री देश के विकास और सुरक्षा के लिए नया रास्ता खोलेगी।’

एके-203 की खासियतें

- एके-203 राइफल की लंबाई 3.25 फुट है

- गोलियों से भरी राइफल का वजन 4 किलो होगा

- एक मिनट में 600 गोलियां दागी जा सकेंगी 

- मारक क्षमता 400 मीटर होगी जिससे कि अचूक निशाना लगा सकेंगे 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें