ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। एसी कोच में यात्रा करने वाले लोगों को अब अपने साथ चादर ले जाने की जरुरत नहीं होगी। दरअसल, रेलवे जून माह से सभी ट्रेनों में कंबल, चादर और तकिया मुहैया कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए रेलवे ने सभी जोनों को जल्द से जल्द यह सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा समय में 529 जोड़ी ट्रेनों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है। जबकि कुल 1114 जोड़ी ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जानी है।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार रोजाना करीब 7.5 लाख तकिया, चादर, कंबल आदि की जरूरत पड़ती है। चादरों की उम्र एक साल होती है। करीब दो साल इस्तेमाल न होने से काफी चादर खराब हो गई थीं। इसके अलावा कोरोना की पहली लहर में ट्रेनों में कोविड कोच बनाए गए थे, उनमें भी इनका इस्तेमाल किया गया। सरकार द्वारा 10 मार्च को सुविधा दोबारा से बहाल करने के आदेश के बाद केवल 40 फीसदी चादरों का स्टॉक था। अब दोबारा से चादर खरीदी जा रही हैं। इसके लिए सभी जोनों के डीआरएम को पॉवर दी गई हैं, जिससे वे जरूरत के अनुसार चादर आदि जल्द खरीद कर यह सुविधा उपलब्ध करा सकें।
कोरोना के मामले घटते ही लगातार यात्रियों द्वारा इसकी मांग की जा रही थी। क्योंकि अभी यात्रियों को अपने साथ घर से कंबल-चादर लेकर चलना पड़ता है, जिससे एक अतिरिक्त लगेज साथ में हो जाता है। रेलवे की ओर से सभी ट्रेनों के एसी कोचों में कंबल, तकिया और चादर की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। गरीब रथ जैसी ट्रेनों में ये वैकल्पिक सुविधा है। अब कोरोना के मामलों में गिरावट को देखते हुए रेलवे ने इस सुविधा का बहाल करने का एलान किया है।
रेलवे ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यात्रियों को कई ट्रेनों में डिस्पोजेबल बेड रोल देने की सुविधा शुरू की थी। कई स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए बेड रोल लेने के लिए स्टॉल लगाए गए थे। इसके लिए यात्रियों को 150 से 300 रुपये तक चुकाना पडते थे। रेलवे ने यह किट यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए तैयार की थी। इसमें कंबल के साथ टूथपेस्ट, मास्क और हैंड सैनिटाइजर जैसी चीजें भी शामिल थीं।