रेल मंत्री के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कवच प्रणाली से लैस होगी, जो ट्रेन की सुरक्षा के लिए बेहद अहम होगी। ट्रेन फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड EN-45545 HL3 के अनुरूप होगी। इसमें दुर्घटनाओं के दौरान झटकों से बचाव के लिए क्रैश-प्रोटेक्शन डिजाइन किया गया है। ट्रेन में रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम होगा। वंदे भारत स्लीपर में जल्दी ब्रेक और तेज़ी से रफ्तार पकड़ने की क्षमता होगी। यात्री और लोको पायलट/ट्रेन मैनेजर के बीच इमरजेंसी स्थिति में बातचीत की सुविधा भी होगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में चलने-फिरने में असमर्थ यात्रियों के लिए अलग से टॉयलेट की व्यवस्था होगी। साथ ही स्वचालित दरवाजे और चौड़े गंगवे होंगे। ऊपरी बर्थ के लिए बेहतर सीढ़ियां और यात्री सुरक्षा और सुविधाओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम होगा। 2 दिसंबर, 2024 तक, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर 136 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवाएं चल रही हैं, जिनमें 16 ट्रेनें तमिलनाडु के विभिन्न स्टेशनों को जोड़ती हैं।
रेल मंत्री के मुताबिक, दिल्ली और बनारस के बीच सबसे लंबी दूरी (771 किमी) की सेवा भी वंदे भारत के जरिए दी जा रही है। रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत और इसके अन्य प्रकार की नई ट्रेन सेवाओं को शुरू करना भारतीय रेलवे की एक सतत प्रक्रिया है, जो यात्री ट्रैफिक, संचालन क्षमता और संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करती है।