नए पीआरएस से एक मिनट में 1.5 लाख से अधिक बुकिंग
रेलवे बोर्ड ने बताया कि नई यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के माध्यम से अब प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा 1 जुलाई, 2025 से आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल एप से तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर भी बदलाव होंगे। रेलवे के मुताबिक अब केवल प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को ही ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति मिलेगी।
रेलवे टिकट के लिए ओटीपी सत्यापन होगा (सांकेतिक)
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जुलाई महीने से शुरू होगी ओटीपी वेरिफिकेशन
इसके अलावा, जुलाई, 2025 के अंत से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए वन टाइम पिन (ओटीपी) आधारित वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। इस ऑनलाइन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में यूजर अपने डिजिलॉकर अकाउंट की मदद ले सकते हैं। वेरिफिकेशन के लिए डिजिलॉकर में सेव आधार कार्ड डाटा या किसी अन्य सरकारी आईडी का उपयोग किया जा सकता है। बता दें कि सत्यापन के लिए मान्य डॉक्यूमेंट या किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी सूची रेलवे पहले ही जारी कर चुका है।
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अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की सुधारों की प्रगति की समीक्षा
भारतीय रेलवे यात्रा के अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे के साथ यात्री की यात्रा टिकट आरक्षण के चरण से शुरू होती है। रेलवे टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकटिंग सिस्टम स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल होना चाहिए। योजना यात्री सुविधा पर केंद्रित होनी चाहिए। सिस्टम को हमारे यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना चाहिए।
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दिसंबर 2025 तक आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली
रेल मंत्री ने यात्री आरक्षण प्रणाली के उन्नयन की समीक्षा की। यह परियोजना पिछले कुछ महीनों से क्रिस की तरफ से क्रियान्वित की जा रही है। नया पीआरएस मौजूदा लोड से दस गुना ज़्यादा भार संभालने में सक्षम है। यह मौजूदा पीआरएस में प्रति मिनट 32,000 टिकट से लगभग पांच गुना ज्यादा होगा। टिकट पूछताछ क्षमता दस गुना बढ़ जाएगी, अर्थात प्रति मिनट पूछताछ 4 लाख से बढ़कर 40 लाख से अधिक हो जाएगी। नए पीआरएस में बहुभाषी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बुकिंग और पूछताछ इंटरफेस भी है। नए पीआरएस में उपयोगकर्ता अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे और किराया कैलेंडर देख सकेंगे। इसमें दिव्यांगजनों, छात्रों, मरीजों आदि के लिए भी एकीकृत सुविधाएं हैं।