सर्दियों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। दिसंबर से मार्च के बीच घने कोहरे और खराब मौसम को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई रूटों पर ट्रेनों का संचालन रद्द करने का फैसला किया है। इसका असर लंबी दूरी की कई प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। ऐसे में यात्रियों को सफर की योजना बनाने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि आखिरी समय में परेशानी न हो।
सर्दियों में प्रभावित होने वाली ट्रेनों में अंबाला कैंट-बरौनी, मॉडल टाउन एक्सप्रेस, काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल, बरौनी-अंबाला कैंट, गरीब रथ (जम्मूतवी-काठगोदाम), कानपुर सेंट्रल-काठगोदाम, अमृतसर-लालकुआं और योगनगरी ऋषिकेश-जम्मूतवी शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द रहने से संबंधित रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
इसके अलावा नई दिल्ली-मॉडल टाउन, अमृतसर-पूर्णिया कोर्ट, अमृतसर-टाटानगर, गरीब रथ (काठगोदाम-जम्मूतवी), टाटानगर एक्सप्रेस, लालकुआं-अमृतसर, पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस और जम्मू तवी-योगनगरी ऋषिकेश का संचालन भी प्रभावित रहेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट बुक करने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति और यात्रा की तारीख की जानकारी जरूर ले लें।
कब से कब तक प्रभावित रहेंगी ट्रेनें
रेलवे ने अलग-अलग ट्रेनों के लिए रद्दीकरण की अवधि तय की है। ज्यादातर ट्रेनों का संचालन 1 दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 के अंत या मार्च 2027 की शुरुआत तक प्रभावित रहेगा। हालांकि, हर ट्रेन के लिए यह अवधि अलग-अलग है। इसलिए यात्रियों को अपनी ट्रेन के हिसाब से तारीखों की जांच करनी होगी।
उदाहरण के तौर पर, अंबाला कैंट-बरौनी ट्रेन 1 दिसंबर से 27 फरवरी तक प्रभावित रहेगी। वहीं, काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल ट्रेन के संचालन पर 7 दिसंबर से 1 मार्च तक असर पड़ेगा। ऐसे में इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में भी जानकारी जुटा लेनी चाहिए।
अंबाला मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक, सर्दियों के दौरान उत्तर रेलवे क्षेत्र में कुल 46 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इनमें कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया जाएगा, जबकि कुछ के संचालन और समय में बदलाव किया जाएगा। इसका मतलब है कि सभी प्रभावित ट्रेनों की स्थिति एक जैसी नहीं होगी। यात्रियों को अपनी ट्रेन से जुड़ी जानकारी अलग से जांचनी होगी।
कोहरे के कारण रेलवे ने लिया फैसला
दरअसल,सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा छाता है। इससे रेल पटरियों पर दृश्यता कम हो जाती है और ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनों को सुरक्षित गति से चलाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसका असर ट्रेनों की समय-सारिणी पर भी पड़ सकता है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेल परिचालन को बेहतर तरीके से संभालने के लिए रेलवे हर साल सर्दियों में कुछ ट्रेनों के फेरे कम करता है या उन्हें निर्धारित अवधि के लिए रद्द कर देता है। इससे कोहरे के दौरान परिचालन संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का प्रबंधन किया जा सके।
सफर से पहले जरूर जांचें ट्रेन का स्टेटस
अगर आप दिसंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुक करने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल जरूर देख लें। जिन यात्रियों के टिकट पहले से बुक हैं, उन्हें भी यात्रा की तारीख नजदीक आने पर ट्रेन की स्थिति दोबारा जांचनी चाहिए। स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन के रद्द होने, समय में बदलाव या संचालन से जुड़ी दूसरी जानकारी की पुष्टि कर लें। रेलवे परिचालन की जरूरत के अनुसार ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव कर सकता है। ऐसे में ताजा जानकारी के आधार पर यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।