फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Railways: डेंगू और चिकनगुनिया के खात्मे के लिए रेलवे ने चलाई मॉस्किटो टर्मिनेटर ट्रेन

Mon, 19 Sep 2022 03:30 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Railways: हाल ही में मच्छर मार ट्रेन यानी मॉस्किटो टर्मिनेटर ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। छह सप्ताह में कुल 12 बार ये ट्रेन चलाई जाएगी। मच्छर प्रजनन के मौसम में इसके जरिए सप्ताह में दो बार कीटनाशकों का छिड़काव किया जाएगा...
विज्ञापन
Indian railways: Mosquito Terminator Train - फोटो : Agency
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के मौसम में अब बदलाव होने जा रहा है। गर्मी और बारिश के बाद अब सर्दियां दस्तक देने के लिए तैयार हैं। बदलते मौसम के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में इस बीमारी को फैलाने वाले  मच्छरों के खात्मे के लिए भारतीय रेल भी तैयार है। इसलिए रेलवे ने दिल्ली से एक मच्छर मार स्पेशल ट्रेन शुरू की है।

हाल ही में मच्छर मार ट्रेन यानी मॉस्किटो टर्मिनेटर ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। छह सप्ताह में कुल 12 बार ये ट्रेन चलाई जाएगी। मच्छर प्रजनन के मौसम में इसके जरिए सप्ताह में दो बार कीटनाशकों का छिड़काव किया जाएगा। इसका मकसद ये है कि ट्रेन की पटरियों के पास मच्छर न पनप सकें।

जानकारी के हिसाब से इस ट्रेन में डिब्बे नहीं हैं। इन पर हाई प्रेशर वाले ट्रक खड़े हैं। इन ट्रकों का काम मच्छरमार दवाई का स्प्रे करना है। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार भी महज 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से बचाव के लिए हर साल ये स्पेशल मच्छर मार ट्रेन चलाई जाती है। ये पटरी के किनारे दवाई का छिड़काव करती है।

भारतीय रेलवे द्वारा चलाई गई ये ट्रेन हजारों लोगों को चिकनगुनिया और डेंगू से बचाने में काफी मददगार साबित होगी। अधिकारियों का कहना है कि ये कीटनाशक न केवल लार्वा को खत्म करेंगे, बल्कि मच्छरों को भी बेअसर करेंगे। इससे रेल पटरियों के किनारे झुग्गियां में बड़ी संख्या में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। कई इलाकों में घरों से निकलने वाला गंदा पानी रेलवे ट्रैक के किनारे जमा हो जाता है। जिससे मच्छर पनपते हैं। इससे वह भी खत्म हो जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें