उझानी में कपलिंग जोड़ने के बाद स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी। संवाद
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भारतीय रेलवे माल ढुलाई को आसान बनने के लिए सरकारी पीएसयू के साथ मिलकर नई सेवा करने जा रही है। रेलवे ने कॉनकॉर के साथ मिलकर नई कंटेनर ट्रेन सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। 1 अक्टूबर 2025 से यह ट्रेन दिल्ली के तुगलकाबाद टर्मिनस से कोलकाता के शालीमार टर्मिनल तक चलेगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि रेलवे ने पहली बार गारंटी दी है कि कंटेनर ट्रेन सिर्फ 120 घंटे (5 दिन) में डिलीवरी करेगी।
दरअसल, अब तक मालगाड़ियों के टाइम को लेकर कोई फिक्स समय नहीं होता था। कई बार ये गाड़ियां सामान लेकर जल्दी पहुंच जाती थी, तो कई बार ये कई दिनों के इंतजार के बाद अपने तय स्टेशन पहुंचती थी। इससे कई बार सामान के खराब होने की शिकायतें भी सामने आती थीं। इसी वजह से अधिकांश व्यापारी अपने सामान भेजने के लिए सड़क मार्ग को प्राथमिकता देते है। लेकिन अब रेलवे की इस नई पहल से न केवल समय पर डिलीवरी होगी बल्कि लागत और समय दोनों की बचत होगी।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि यह सेवा ग्राहकों को तेजी, भरोसेमंद डिलीवरी, रोड ट्रांसपोर्ट का विकल्प, उत्तरी भारत के माल के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और शुरुआती ग्राहकों को प्राथमिक लाभ देगी। इसके साथ ही यह परियोजना ग्रीन लॉजिस्टिक्स को भी बढ़ावा देगी। क्योंकि इससे माल परिवहन में सड़क से रेल की ओर शिफ्ट होगा। इससे कार्बन फुटप्रिंट भी कम होगा। यह पहल न सिर्फ लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई दिशा देगी बल्कि भारत के सप्लाई चेन इकोसिस्टम को और ज्यादा कारगर, आधुनिक व टिकाऊ बनाएगी।
रेलवे और कॉनकॉर की यह सेवा अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई है। यह ट्रेन हफ्ते में दो दिन, बुधवार और शनिवार को चलेगी। इसके रूट में आगरा और कानपुर जैसे बड़े शहर शामिल होंगे।इससे छोटे कारोबारी भी अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंचा पाएंगे। हालांकि ग्राहकों के लिए राहत बात की यह है कि खाली कंटेनर कानपुर तक लाने का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इससे कारोबारियों की लागत और कम हो जाएगी। साथ ही, समय पर डिलीवरी से उद्योग जगत की सप्लाई चेन मजबूत होगी और सड़क परिवहन पर निर्भरता घटेगी।
इस सेवा से न सिर्फ कारोबारी लाभान्वित होंगे बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होगा। क्योंकि सड़क के मुकाबले रेल से माल ढुलाई सस्ती और प्रदूषण रहित होती है। इससे ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। दिल्ली से कोलकाता के बीच यह गारंटीड डिलीवरी सेवा भारतीय रेलवे के माल ढुलाई बिजनेस के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। तय समय सीमा और भरोसेमंद सेवा से कारोबारियों को एक नया विकल्प मिलेगा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।