मध्य प्रदेश से होकर दिल्ली या मुंबई जाने वाली ट्रेनों की आने वाले दिनों में स्पीड ओर बढ़ने वाली है। भारतीय रेलवे ने मुंबई और दिल्ली ट्रैक पर चौथी लाइन बिछाने की तैयारी शुरु कर दी है। भोपाल रेल मंडल में इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया हैं। इस लाइन के बनने के बाद ट्रेनों की रफ्तार तेज हो जाएगी। इससे यात्रियों के समय की भी बचत हो सकेगी।
भोपाल रेल मंडल के डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी का कहना है कि, मध्यप्रदेश के खंडवा से इटारसी और इटारसी से भोपाल होते हुए बीना तक रेलवे ट्रैक का जल्द ही विस्तार किया जाएगा। जल्द ही इस रूट पर नए ट्रैक का निर्माण होगा। जिससे इस रूट पर ट्रेनों को गति मिलेगी और संख्या बढ़ेगी। भोपाल से बीना चौथी लाइन, भोपाल से इटारसी चौथी लाइन और साथ ही इटारसी-खंडवा रूट का भी तीसरी-चौथी लाइन का सर्वे चल रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि, इस रेल लाइन का सर्वे पूरा होने के बाद बीना से भोपाल और इटारसी होते हुए 4 लाइन का ट्रैक बनाया जाएगा। जो कि भुसावल-खंडवा के बीच बनाए जा रहे 4 लाइन ट्रैक से जुड़ेगा। भुसावल-खंडवा के बीच 131 किमी लंबी तीसरी और चौथी लाइन की परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन की 131 किमी की परियोजना मुंबई और प्रयागराज रूट को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण तीन परियोजनाओं में से एक है। जिसकी घोषणा रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में की है। परियोजना की कुल लागत लगभग 7,927 करोड़ रुपए है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मप्र के खंडवा और चित्रकूट जिले को जोड़ा जाना है। इन दोनों जिलों के 1,319 गांव और लगभग 38 लाख आबादी को कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी
तीसरी रेल लाइन भी जल्द होगी पूरी
जनवरी में नया टाइम-टेबल लागू होने के साथ ही शताब्दी-राजधानी समेत भोपाल की ओर आवाजाही करने वाली 34 ट्रेनों के 18 से 25 मिनट तक बचने लगेंगे। रेलवे का दावा है कि बीना से झांसी के बीच तीसरी रेल लाइन का काम दिसंबर में पूरा हो जाएगा। एलएचबी कोच वाली ट्रेनों को दिल्ली से भोपाल तक औसतन 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकेगा। शताब्दी-राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 तक हो जाएगी। अभी ओवरऑल 110 की औसत स्पीड मेंटेन हो रही है।