आए दिन वंदे भारत एक्सप्रेस पर हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय रेलवे ने नया प्लान तैयार किया हैं। रेलवे अब इन ट्रेनों के रूट पर पड़ने वाले गांवों के लोगों को जागरूक करने का काम भी करेगी। दरअसल, वंदे भारत पर कई बार पत्थरबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं। रेलवे ने इसके लिए मंडल स्तर पर जागरूक करने के लिए रेलवे कर्मचारियों की टीम बनाने जा रही है।
भारतीय ट्रेन के आधुनिकीकरण के लिहाज से देशभर में कई वंदे भारत ट्रेन चलाई जा रही हैं। यह ट्रेन सेमी स्पीड की एक्सप्रेस ट्रेनें हैं। लेकिन इन ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। लगभग हर रोज कहीं न कहीं से ट्रेन पर पथराव की सूचना आती है। बीते रविवार को भी न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जाने वाली वंदे भारत ट्रेन पर पथराव किया गया। ट्रेन बिहार के बारसोई इलाके में थी कि तभी ट्रेन पर पथराव कर दिया गया। हालांकि इस पत्थरबाजी में ट्रेन या किसी यात्री को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं इससे पहले पश्चिम बंगाल के हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच हाल में शुरू की गई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थरबाजी करने के आरोप में पुलिस ने बिहार के किशनगंज से तीन नाबालिग लड़कों को पकड़ा था।
ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटना को देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने गांवों के लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया है। इसमें खासकर युवाओं और बच्चों को जागरूक किया जाएगा। क्योंकि ये ही लोग इस तरह की घटनाओं का अंजाम देते है। रेलवे की टीम इन्हें समझाएगी कि इस तरह की घटनाओं से राष्ट्र की संपत्ति का नुकसान होता है। इससे देश का नुकसान होता है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार इस तरह का अभियान जल्द ही शुरू किया जाएगा।
एक ही हफ्ते में वंदे भारत ट्रेन पर तीन बार पथराव की घटना सामने आ चुकी हैं। इससे पूर्व दो जनवरी को मालदा में और तीन जनवरी को फांसीदेवा के पास वंदे भारत ट्रेन पर पथराव किया गया था। तीन जनवरी को हुई पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया था। तीन जनवरी को हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत ट्रेन पर किशनगंज में पत्थरबाजी हुई थी। बीते 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने हावड़ा एनजेपी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।