भारतीय रेल ने ट्रेन में धूम्रपान या ज्वलनशील सामग्री ले जाने से होने वाली आग की दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। इसके लिए रेलवे लोगों को शिक्षित करेगा। रेलवे ने यह कदम हाल-फिलहाल में ट्रेन में आग की दुर्घटनाओं को देखते हुए उठाया है।
हाल ही में दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस में सिगरेट के टुकड़े की वजह से आग लगने की घटना हुई थी। भारतीय रेल ने अपने सभी हितधारकों को आग से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति शिक्षित करने के लिए 22 मार्च से सात दिनों का एक सघन जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस बारे में सभी क्षेत्रीय रेल मंडलों को निर्देशित कर अभियान चलाने को कहा गया है।
अभियान में रेलवे के उपयोगकर्ता और कर्मचारी सभी को शामिल किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने बताया कि अभियान में इन्हें आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।
ट्रेन में धूम्रपान व ज्वलनशील सामग्री को लेकर बने कानून के बारे में भी बताया जाएगा। इन लोगों को पर्चा वितरण, स्टिकर पेस्टिंग, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों आदि के जरिये से धूम्रपान निषेध, ट्रेन से ज्वलनशील सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध जैसे कदम उठाने के बारे में जागरूक किया जाएगा।