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Indian Railways: ट्रेनों में जल्द खत्म होगा वेटिंग लिस्ट का झंझट, मिलेगा कंफर्म टिकट, रेलमंत्री ने बताया प्लान

सार

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बजट में तीन कॉरिडोर की घोषणा वेटिंग टिकट खत्म करने दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय रेलवे साल में 700 करोड़ यात्रियों का परिवहन करती है, इस क्षमता को 1000 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष ले जाना है...
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Indian Railways - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
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विस्तार
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ट्रेनों में वेटिंग टिकट पर परेशानी के साथ सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे ट्रेनों में वेटिंग टिकट की परेशानी खत्म करने को लेकर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में लोगों को 120 दिन पहले टिकट बुक कराने की जरूरत नहीं होगी। ट्रेनों में यात्री सुविधाजनक सफर कर सकेंगे। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद इसका प्लान बताया है कि कैसे एक तय डेडलाइन में रेलवे वेटिंग लिस्ट खत्म की तैयारी कर रहा है।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बजट में तीन कॉरिडोर की घोषणा वेटिंग टिकट खत्म करने दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय रेलवे साल में 700 करोड़ यात्रियों का परिवहन करती है, इस क्षमता को 1000 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष ले जाना है। इसके लिए नए रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जाएगा और नई गाड़ी चलाई जाएंगी, जिससे वेटिंग लिस्ट खत्म हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि बजट में की गई घोषणा के अनुसार इन तीनों कॉरिडोर को मिलाकर 40 हजार किमी रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह जर्मनी जैसे विकसित देश के कुल रेलवे ट्रैक के बराबर होगा। इसमें नई रेल ट्रैक के निर्माण के अलावा मौजूदा रेलवे ट्रैक पर जरूरत के अनुसार डबलिंग या उससे अधिक ट्रैक बिछाए जाएंगे। इसके साथ ही ट्रेनों के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास का भी निर्माण किया जाएगा।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन चारों कॉरिडोर के निर्माण में 9 वर्ष का समय लग जाएगा। 40 हजार वंदेभारत सुविधाओं वाले कोचों के निर्माण में पांच वर्ष का समय लग जाएगा। इस तरह वेटिंग लिस्ट खत्म करने में अभी छह से सात वर्ष का समय लग जाएगा। यानी वर्ष 2030-31 तक लोगों को कंफर्म टिकट मिल सकेगा।

वेटिंग लिस्ट खत्म करने की दिशा में तीन कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा अचानक बजट में नहीं की गई है। इसके लिए पिछले दो वर्षों से काम चल रहा था। 18 मंत्रालयों, सभी राज्यों और उद्यमियों से विचार विमर्श कर कॉरिडोर की रूप रेखा तय की गई है।

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