बिना टिकट यात्रा करके स्टेशन परिसर से बाहर निकलना अब मुश्किल होगा। टीटीई की निगाहों से ओझल होकर भी आप बच नहीं सकेंगे। दरअसल रेलवे ने भी मेट्रो की तरह ही स्वचालित गेट आधारित टिकट जांच प्रणाली की व्यवस्था करने जा रहा है।
टिकट के बार कोड को स्कैन करने के बाद ही आप स्टेशन परिसर में प्रवेश या बाहर निकल पाएंगे। दो स्टेशनों पर परीक्षण के लिए रेलवे ने 4.16 करोड़ रुपये की लागत पर इसके लिए स्वीकृति भी दे दी है।
रेलवे को उठाना पड़ता है नुकसान
बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगाम लगाने के रेलवे ने तरीके ढूंढने शुरू कर दिए है। नियमित रूप से बिना टिकट व अनुचित टिकट पर यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के बावजूद लाखों लोग नजर बचा कर यात्रा कर रहे है। इससे रेलवे को काफी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
आधिकारिक आकड़े बताते है कि पिछले साल जहां 189.49 लाख लोगों ने बिना टिकट या अनुचित यात्रा टिकट पर यात्रा किए तो वहीं इस साल अभी तक 189.56 लाख लोग अनुचित तरीके से यात्रा करते धरे गए।
ये आकड़े तो उनलोगों के है जो रंगे हाथ पकड़ लिए गए। लेकिन ऐसे लाखों लोग भी यात्रा करते है, जो रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही या कमी के कारण पकड़ में नहीं आते है।