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मेट्रो की राह चली भारतीय रेल, बिना टिकट नहीं हो पाएगी स्टेशन में एंट्री

Fri, 07 Apr 2017 05:55 AM IST
नवनीत शरण / अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिना टिकट यात्रा करके स्टेशन परिसर से बाहर निकलना अब मुश्किल होगा। टीटीई की निगाहों से ओझल होकर भी आप बच नहीं सकेंगे। दरअसल रेलवे ने भी मेट्रो की तरह ही स्वचालित गेट आधारित टिकट जांच प्रणाली की व्यवस्था करने जा रहा है।
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टिकट के बार कोड को स्कैन करने के बाद ही आप स्टेशन परिसर में प्रवेश या बाहर निकल पाएंगे। दो स्टेशनों पर परीक्षण के लिए रेलवे ने 4.16 करोड़ रुपये की लागत पर इसके लिए स्वीकृति भी दे दी है।

रेलवे को उठाना पड़ता है नुकसान

बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगाम लगाने के रेलवे ने तरीके ढूंढने शुरू कर दिए है। नियमित रूप से बिना टिकट व अनुचित टिकट पर यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के बावजूद लाखों लोग नजर बचा कर यात्रा कर रहे है। इससे रेलवे को काफी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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आधिकारिक आकड़े बताते है कि पिछले साल जहां 189.49 लाख लोगों ने बिना टिकट या अनुचित यात्रा टिकट पर यात्रा किए तो वहीं इस साल अभी तक 189.56 लाख लोग अनुचित तरीके से यात्रा करते धरे गए।

ये आकड़े तो उनलोगों के है जो रंगे हाथ पकड़ लिए गए। लेकिन ऐसे लाखों लोग भी यात्रा करते है, जो रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही या कमी के कारण पकड़ में नहीं आते है। 
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इसी को देखते हुए रेलवे ने मेट्रो जैसा ही स्वचालित गेट टिकट जांच प्रणाली की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट स्वचालित टिकट प्रणाली जल्द ही दो स्टेशनों पर शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए गहन जांच चौकिया स्टेशनों पर लगाई गई है।

मैजेस्टेरियल जांच की अवधि बढ़ाकर अगले साल तक की गई

बिना टिकट यात्रा की जांच करने और उसकी रोकथाम के लिए मजिस्टेरियल स्कीम को मौजूदा नियम व शर्तो के अनुसार 31 दिसंबर 2018 तक के लिए रेलवे ने बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है। इस जांच में मैजिस्ट्रेट कोर्ट के स्टॉफ व पुलिस बल के साथ ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों की चेकिंग करता है और उन्हें हिरासत में लेकर जुर्माना ठोंकता है। अप्रैल 2016 से फरवरी 2017 के दौरान 19.7 लाख जांच की गई थी।
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