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Indian Railways: दिल्ली से मुंबई-हावड़ा की दूरी होगी कम, इस स्पीड पर दौड़ेगी ट्रेनें; यात्रियों का बचेगा समय

Fri, 16 May 2025 02:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
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भारतीय रेलवे ने सबसे व्यस्त रेल लाइनों पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का काम तेजी से शुरू कर दिया हैं। आने वाले दिनों में राजधानी दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से फर्राटा भरते हुए नजर आएगी। रेलवे ने इन दोनों रूट्स पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए जरूरी मंजूरी दे दी है। इस पर काम भी तेजी से शुरु हो गया है।

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दिल्ली-मुंबई रूट की लंबाई करीब 1386 किलोमीटर है। इस पूरे रूट को हाई-स्पीड के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद ट्रेन तेज गति से दौड़ती हुई नजर आएगी। इससे दिल्ली से मथुरा के दूरी महज डेढ़ घंटे में पूरी हो जाएगी। अभी ट्रेन दिल्ली से मथुरा तक का सफर पूरा करने में 3 घंटे तक का समय लेती है।

इस रूट पर वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस समेत अन्य प्रीमियम ट्रेनों को छोड़ दें तो सामान्य तौर पर एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड 100 से 120 किमी/घंटा (62-75 मील प्रति घंटे) है। वंदे भारत ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ डिजाइन किया गया है, जबकि राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा है। राजधानी दिल्ली-हावड़ा रूट लगभग 1450 किलोमीटर लंबा है। यहां भी ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। इस रूट पर 194 किलोमीटर हिस्से में चार लाइनें हैं। इनमें 312 किलोमीटर में तीन लाइनें और बाकी 944 किलोमीटर हिस्से में दोहरी लाइन मौजूद हैं। रेलवे ने इस कई बड़े प्रोजेक्ट शुरु किए है। सोननगर से अंडाल तक 375 किलोमीटर की नई मल्टी-लाइन बनाई जा रही है। अलीगढ़ से दाऊद खान के बीच 18 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन का काम चल रहा है। इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय से प्रयागराज तक 150 किलोमीटर की तीसरी लाइन पर काम हो रहा है।
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काली पहाड़ी से बख्तनगर तक 18 किलोमीटर की पांचवीं लाइन, शक्तिगढ़ से चंदनपुर तक 43 किलोमीटर की चौथी लाइन और नीमचा सेक्शन में 9.42 किलोमीटर के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। जबकि कुल 480 किलोमीटर की तीसरी लाइन, 96 किलोमीटर की चौथी लाइन और 151 किलोमीटर की पांचवीं लाइन के लिए सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के 1337 किलोमीटर हिस्से में ट्रेनों का संचालन पहले ही शुरू किया जा चुका है। इन सभी प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद दिल्ली-हावड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनों का सफर न केवल तेज होगा बल्कि यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक और समय की बचत करने वाला भी होगा।

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