देश की राजधानी का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से नए रूप में नजर आने वाला है। रेलवे द्वारा घोषित रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन को आधुनिक, सुरक्षित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 2469 करोड़ रुपये होगी और कार्य को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। 16 प्लेटफॉर्म वाले दिल्ली रेलवे स्टेशन का काम पहाड़गंज की तरफ प्लेटफार्म नंबर 1 से शुरू होगा। इस वजह से कुछ ट्रेनों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इन ट्रेनों को शिफ्ट करने से पहले रेलवे की ओर से इसकी पूर्व सूचना और लिस्ट जारी की जाएगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो
नई दिल्ली स्टेशन के रिडेवलपमेंट के साथ यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान भी रखा जाएगा। इसलिए इसे एक साथ न तोड़कर चरणबद्ध तरीके से तोड़ा जाएगा। मार्च 2026 से इसका एक हिस्सा तोड़ा जाएगा। स्टेशन के रिडेवलपमेंट को पूरा करने का समय 45 महीनों यानी करीब चार साल रखा गया है। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए अगले साल मार्च में इसके एक हिस्से को तोड़ा जाएगा। इस काम का टेंडर लेने वाली कंपनी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2023 के बजट में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की घोषणा की थी। इस वर्ष पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी हो गया है। जल्द ही स्टेशन का एक हिस्सा कंपनी को सौंपा जाएगा। वह मार्च 2026 से इस पर पुनर्विकास कार्य शुरू करेगी।
दरअसल, इस प्रोजेक्ट में स्टेशन के सभी 16 प्लेटफॉर्म और ट्रैक नए सिरे से बनाए जाएंगे। पहाड़गंज और अजमेरी गेट की तरफ दो नई इमारत बनेंगी, जिनमें वेटिंग एरिया, लिफ्ट, एस्केलेटर, और दुकानों के लिए रिटेल एरिया होगा। स्टेशन के आसपास सात फ्लाईओवर निर्माण किए जाएंगे। इसके अलावा पार्सल के लिए दो टनल और पार्किंग के साथ सर्कुलेटिंग एरिया भी तैयार होगा। स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के साथ बनाया जाएगा। इसमें सौर ऊर्जा, सीसीटीवी कैमरे और एक्सेस कंट्रोल सिस्टम से सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि, पहले प्लेटफार्म संख्या 1 से 5 पुनर्विकसित होगा। इसमें लगभग चार माह का समय लगेगा। दूसरे फेज में प्लेटफार्म संख्या 6 से 9 को विकसित किया जाएगा। इस दौरान प्लेटफार्म संख्या 10 से 16 तक की गाड़ियां सामान्य रूप से चलती रहेंगी। तीसरे फेज में प्लेटफार्म संख्या 10 से 13, जबकि चौथे फेज में 14 से 16 पर काम चलेगा। इस दौरान प्लेटफार्म संख्या 1 से 9 तक की गाड़ियां वापस नई दिल्ली से बहाल हो जाएंगी।
इन स्टेशनों से चलेगी दूसरी ट्रेनें
रेलवे अधिकारी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कुछ रेलगाड़ियों को दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। इसके चलते रेलवे ने आनंद विहार में दो, शकूर बस्ती में तीन नए प्लेटफॉर्म भी तैयार किए गए हैं। जल्द ही पंजाब, जम्मू-कश्मीर जाने वाली कुछ गाड़ियों को शकूर बस्ती, जबकि पूर्व की तरफ जाने वाली गाड़ियों को आनंद विहार शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली गाड़ियों को दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। यूपी-बिहार और पश्चिम बंगाल रूट की गाड़ियों को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर शिफ्ट किया जाने पर विचार किया जा रहा है।
जबकि मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि जाने वाली ट्रेनों को हजरत निजामुद्दीन शिफ्ट किया जा सकता है। इसी तरह राजस्थान रूट की ट्रेनों को दिल्ली कैंट से चलाने की योजना है। कुछ गाड़ियों को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशनों पर भी शिफ्ट किया जा सकता है। हालांकि ट्रेनों को शिफ्ट करने से पहले रेलवे की ओर से बकायदा इसकी पूर्व सूचना और लिस्ट जारी की जाएगी। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो।
यात्रियों के लिए अक्टूबर तक बनेगा होल्डिंग एरिया
रेलवे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया बनाने का काम भी अक्टूबर माह तक पूरा कर लेगा। अजमेरी गेट की तरफ तैयार किया जा रहा होल्डिंग एरिया में अनारक्षित टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए होगा। उन्हें यहां पर ठहरने की जगह मिलेगी और जब गाड़ी आएगी, तो उन्हें प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा। इससे नई दिल्ली स्टेशन के भीतर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।