केंद्रीय मंत्री ने बताया, आने वाले दिनों में तेजी से पूरी होने वाली परियोजनाएं देश के कोने-कोने को जोड़ेंगी। उन्होंने बताया, 2006 से 2014 तक रेलवे ने 4,557 किमी ट्रैक का दोहरीकरण किया था, जबकि 2014 से अब तक 13,080 किमी का ट्रैक का दोहरीकरण किया जा चुका है।
भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर दिया है। रेलवे ने इस साल लगभग 84 हजार वैगनों(माल गाड़ी के डिब्बे) का ऑर्डर दिया है। इसके तहत रेलवे 2030 तक माल ढुलाई में अपनी हिस्सेदारी को 27 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने के लिए प्रयासरत है।
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केंद्रीय मंत्री दर्शना दरदोश ने बुधवार को बताया कि अब तक रेल का उपयोग अधिक मात्रा में माल ढुलाई के लिए होता रहा है, लेकिन हाल के दिनों में सड़क मार्ग से भी सामान जाने लगा है, जिसे रेल से भी ले जाया जा सकता है। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया, रेलवे को इस साल 1,500 मिलियन टन की अब तक की सबसे अधिक लोडिंग हासिल करने की उम्मीद है।
2014 से 13 हजार किमी ट्रैक का हुआ दोहरीकरण
केंद्रीय मंत्री ने बताया, आने वाले दिनों में तेजी से पूरी होने वाली परियोजनाएं देश के कोने-कोने को जोड़ेंगी। उन्होंने बताया, 2006 से 2014 तक रेलवे ने 4,557 किमी ट्रैक का दोहरीकरण किया था, जबकि 2014 से अब तक 13,080 किमी का ट्रैक का दोहरीकरण किया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 2006 से 2014 तक रेलवे प्रतिदिन लगभग 4.16 किलोमीटर की परियोजनाओं को कमीशन करता था, जबकि वर्ष 2014 से 2021-22 तक, यह बढ़कर 7 किलोमीटर प्रति दिन हो गया है और वर्ष 2022-23 में इसे और बढ़ाकर 12 किलोमीटर प्रति दिन कर दिया गया है।
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85 प्रतिशत ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा
केंद्रीय मंत्री ने बताया, रेलने ने रिकॉर्ड समय में अपने नेटवर्क का 85 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, जल्द ही यह 100 हो जाएगा। आगे बताया, भारत सरकार ने अब तक का सबसे अधिक 2.40,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स आवंटित किया है।