रेल मंत्री ने बताया कि, रेलवे में हम कोयले पर निर्भरता से धीरे-धीरे दूर हो रहे हैं, जो अब तक रेलवे का प्रमुख फोकस रहा है। इसके साथ ही अब कई अन्य क्षेत्रों और वस्तुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
देश के ज्यादातर रेलवे ट्रैक को अब ज्यादा गति के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था सुधारने के लिए कई तकनीकी और परिचालन कदम उठाए गए हैं। रेल मंत्री ने राज्यसभा में प्रश्नकाल में बताया, लगभग 80 प्रतिशत रेलवे ट्रैक को 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए अपग्रेड किया जा चुका है। जबकि करीब 50 प्रतिशत ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटे की गति के लिए उन्नत किया गया है। रेलमंत्री ने कहा, देशभर के रेल नेटवर्क पर करीब 25 हजार ट्रेनें प्रतिदिन चलती है। 24 डिवीजनों में 90 प्रतिशत से अधिक समयपालन हासिल हो चुका है।
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निगरानी और संचालन बेहतर बनाने के लिए तकनीकी उपकरण
43 डिवीजनों में 80 प्रतिशत से ज्यादा पंक्चुअलिटी दर्ज की गई है। इसके अलावा 8 डिवीजनों में समयपालन 95 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया है। रेलवे ने पंक्चुअलिटी सुधारने के लिए कई तरह की पहल की हैं। पहला ट्रेनों की निगरानी और संचालन बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी उपकरण लगाए गए हैं। दूसरा स्तर पर मेंटेनेंस की प्रक्रिया में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है। तीसरे स्तर पर पुराने आईसीएफ कोचों को एलएचबी कोचों में बदला जा रहा है। चौथा, पारंपरिक कोच वाली ट्रेनों को ट्रेन सेट में परिवर्तित किया जा रहा है।
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की प्रगति बहुत अच्छी
रेल मंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े सवाल पर कहा, मुंबई से अहमदाबाद पहली बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की प्रगति बहुत अच्छी है। गुजरात के अंतर्गत आने वाले वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन का निर्माण कार्य काम अंतिम चरण में है। महाराष्ट्र के अंतर्गत आने वाले ठाणे, विरार, बोइसर और मुंबई का बीकेसी स्टेशन का कार्य भी तेजी से चल रहा है।