सूत्रों ने ये भी बताया कि कमेटी ने अगले 3 साल में सिर्फ महिला स्टाफ के जरिए संचालित किए जाने वाले स्टेशनों की संख्या वर्तमान के 3 स्टेशन से बढ़ाकर 100 करने की योजना बनाई है। इसके लिए हर जोन के जनरल मैनेजर को 10 स्टेशन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी होगा महिला सुरक्षा का हिस्सा
- विशेष महिला कोच में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
- इन कोच की टीटीई व रेलवे पुलिस का आधा स्टाफ महिलाओं को होगा
- ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट व चेंजिंग रूम भी बनाए जाएंगे
महिला दैनिक यात्रियों से मांगे जाएंगे सुझाव
पश्चिमी रेलवे के नेटवर्क में दैनिक यात्री के तौर पर महिला कोच में सफर करने वाली महिलाएं जोन और उसकी सुविधाओं के बारे में अब रिपोर्ट कार्ड जारी करेंगी।
पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता रविंदर भाकर ने शुक्रवार को कहा, 5 मई 1992 को मुंबई के चर्चगेट से बोरीवली के बीच चलाई गई पहले महिला स्पेशल उपनगरीय लोकल ट्रेन के 26 साल पूरा होने के मौके पर ये कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिला दैनिक यात्रियों को इसके लिए एक फीडबैक फॉर्म बांटा गया है।
पश्चिम रेलवे दे चुका है टॉक-बैक सिस्टम
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए पिछले साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पश्चिम रेलवे ने विशेष महिला कोच में टॉक-बैक सिस्टम शुरू किया था। इसके जरिए किसी इमरजेंसी की स्थिति में महिला कोच की यात्री ट्रेन पर मौजूद गार्ड के साथ मात्र एक बटन दबाकर बात कर सकती है।