राजेश कुमार ने बताया कि प्लास्टिक की बोतलों से तैयार टी-शर्ट सभी मौसम में पहनने लायक होंगे। टी-शर्ट बनाने के लिए रेलवे का मुंबई की एक कंपनी से करार हुआ है। जल्द ही इन प्लास्टिक की बोतलों से बना टी-शर्ट बाजार में लोगों के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में झारखंड की राजधानी रांची में ऐसी ही टी-शर्टों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया।
Bottle Vending Machine
- फोटो : Amar Ujala
यात्रियों को खाली बोतल के लिए पांच रुपये मिलेंगे। यह पांच रुपये उन्हें वाउचर के रूप में रेलवे की एजेंसी बायो-क्रश की ओर से मिलेंगे। यात्री को अपनी खाली बोतलों को बोतल क्रशर मशीन में डालना होगा। क्रशर मशीन में बोतल डालने के समय मोबाइल नंबर डालना पड़ता है। उसके बाद बोतल के क्रश होने पर मोबाइल पर थैंक्यू मैसेज के साथ राशि से संबंधित वाउचर मिल जाता है। इस पैसे का इस्तेमाल कई चुनिंदा दुकानों और मॉल में सामान खरीदने के लिए किया जा सकेगा।