रेलवे ने कहा कि 25 मई तक 3,274 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से करीब 44 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया है। 25 मई को 223 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 2.8 लाख प्रवासी मजदूरों ने सफर किया। उत्तर रेलवे के पीआरओ आरके राणा ने मंगलवार को बताया कि रेलवे की सेवा से यात्री खुश हैं। हम यात्रा को लेकर गृहमंत्रालय के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। अगर कोई यात्री सोशल डिस्टेंसिंग, स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन जैसे नियमों का पालन नहीं करता है तो उसकी टिकट रद्द कर दी जाती है।
रेलवे जहां प्रत्येक ट्रेन को चलाने में आ रहे कुल खर्च का 85 फीसदी उठा रहा है, वहीं 15 फीसदी राज्यों से वसूला जा रहा है। रेलवे ने यह भी बताया कि रेल मार्गों पर ट्रैफिक की समस्या जो 23 और 24 मई को दिखी थी, वह अब खत्म हो गई है। यह भीड़भाड़ बिहार और उत्तर प्रदेश तक जाने वाले मार्गों पर दो तिहाई से ज्यादा रेल ट्रैफिक के एक जगह मिलने के कारण और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की वजह से टर्मिनल की देरी से मंजूरी मिलने की वजह से हुई।
गोवा से 1494 प्रवासी मजदूरों को लेकर श्रमिक ट्रेन झारखंड और 1484 प्रवासी मजदूरों को लेकर यूपी रवाना हुईं। सोमवार को गोवा के करमली स्टेशन से झारखंड के हटिया स्टेशन के लिए ट्रेन रवाना हुई। वहीं दूसरी ट्रेन मडगांव स्टेशन से यूपी के बलिया स्टेशन के लिए रवाना हुई।
महाराष्ट्र के वसई स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए मंगलवार को हजारों प्रवासी मजदूर सनसिटी ग्राउंड पर इकट्ठा हुए। मंगलवार को वसई से यूपी के लिए छह श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गईं। इनमें से तीन जौनपुर, दो भदोही और एक गोरखपुर के लिए रवाना हुई।