रेलवे की परिचालन शाखा के एक अधिकारी के अनुसार, मंत्रालय कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। अभी हमें जो निर्देश मिल रहे हैं, उन्हें देखते हुए लगता है कि कोरोना के लॉकडाउन का असर लंबे समय तक रहेगा। हो सकता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते-करते साल निकल जाए।
एक रूट पर कई गाड़ियां चलेंगी, लेकिन बीच में उनका ठहराव बेहद सीमित रहेगा। जैसे दिल्ली-भठिंडा रूट पर कोई ठहराव नहीं होगा। इसी तरह से दूसरे रूटों पर भी गाड़ियों के परिचालन से संबंधित रूपरेखा तैयार की जा रही है।
यूपी, असम, गोवा, बेंगलुरु, चंडीगढ़, पटना, जम्मू-कश्मीर, एमपी और पंजाब आदि से होकर जाने वाले रूट पर गाड़ियों का आवागमन शुरू होने की पूरी सम्भावना है।