देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ोतरी होने की आशंका को देखते हुए रेलवे राज्य सरकारों को कोविड देखभाल केंद्र उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। राज्यों की मांग को देखते हुए रेलवे ने 5,231 कोचों को कोविड देखभाल केंद्र में पूरी तरह से परिवर्तित कर दिया है।
इसके तहत उत्तर प्रदेश में 24 स्टेशनों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहीं तेलंगाना में सिकंदराबाद, काचीगुडा और आदिलाबाद में कोचों की तैनाती की जाएगी। जबकि दिल्ली में एक स्टेशन शकूरबस्ती पर 10 कोच खड़े कर दिए गए हैं। इस कार्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।
इन कोचों को ऐसे बेहद मामूली मामलों के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत उपचार के लिए भेजा जाएगा। इन कोचों को ऐसे क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है, जहां राज्य सुविधाओं के लिहाज से कमजोर पड़ गए हैं और कोविड के संदिग्ध व पुष्ट दोनों तरह के मामलों के आइसोलेशन के लिए क्षमताएं बढ़ाए जाने की जरूरत है। ये सुविधाएं एमओएचएफडब्ल्यू और नीति आयोग द्वारा विकसित एकीकृत कोविड योजना का हिस्सा है।
215 स्टेशनों में से रेलवे द्वारा 85 स्टेशनों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, वहीं राज्यों के अनुरोध पर बाकी 130 स्टेशनों पर ऐसी स्थिति में ही कोविड देखभाल कोच उपलब्ध कराए जाएंगे जब वे कर्मचारी और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने पर सहमत होंगे। भारतीय रेल ने इन कोविड देखभाल केंद्रों के लए 158 स्टेशनों को वाटरिंग और चार्जिंग सुविधाओं के साथ तथा 58 स्टेशनों को वाटरिंग सुविधा के साथ तैयार रखा है।