पूर्व भारतीय नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा का ऐलान होने से पाकिस्तान की जेलें फिर चर्चा में आ आई हैं।
ये ऐसी जेलें हैं, जहां हिंदुस्तानी कैदियों के साथ बड़ा बुरा बर्ताव हो रहा है। जेल में हर कोई भारतीयों से नफरत करता है। पाकिस्तान की कोट लखपत जेल तो पहले से चर्चा में है। जेल की क्षमता चार हजार कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में इसमें 17 हजार लोग कैद हैं। पहले चमेल सिंह और फिर सरबजीत सिंह, दोनों भारतीय कैदियों की हमला कर हत्या कर दी गई। दोनों की मौत के बाद कोट लखपत जेल में बंद 36 अन्य भारतीय कैदी बेहद डरे हुए हैं।
पाकिस्तान की मलीर लांघी जेल में सवा साल से बंद तीन मछुआरे जब रिहा होने पर वापस कानपुर स्थिर घर लौटे तो जेल के अनुभव बताते हुए तीनों रो पड़े। जयचंद्र ने बताया कि खाने में दिनभर में सिर्फ पांच रोटियां मिलती थीं। इनमें एक रोटी सुबह और दो-दो दोपहर और रात को दी जाती थीं। साथ में तीन दिन दाल और तीन दिन मीट जबकि, रविवार की रात चावल भी मिलता था। ज्यादा खाना मांगने पर पाकिस्तानी सैनिक पीटने लगते थे और गंदी गालियां भी बकते थे।