भारतीय ओलंपिक संघ ने टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां पटरी पर लाने के लिए बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक मास्क तैयार करवाए हैं। ये मास्क ओलंपिक की तैयारियों में जुटे या फिर इंतजार कर रहे खिलाड़ियों को दिए जाएंगे।
आईओए का दावा है कि आईआईटी के छात्रों की ओर से तैयार ये मास्क खिलाड़ियों की गहन ट्रेनिंग के दौरान किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, बल्कि कोरोना के खतरे से बचाएंगे।
मास्क के अंदर पंखे ऑक्सीजन सप्लाई रखेंगे सुचारु
आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने खुलासा किया है कि कोरोना के चलते अभी भी खिलाड़ी डरे हैं और ओलंपिक की तैयारियां शुरु करने को तैयार नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आईआईटी के छात्रों से इलेक्ट्रॉनिक मास्क तैयार करवाए हैं।
छात्रों ने दावा किया है कि गहन ट्रेनिंग के दौरान ये मास्क लगाकर आसानी से ट्रेनिंग की जा सकती है। मास्क में अंदर और बाहर चलने वाले पंखे लगाए गए हैं। अंदर चलने वाला पंखा मास्क के अंदर छोड़ी गई सांस को फिल्टर से बाहर निकालेगा और बाहर चलने वाला पंखा वातावरण की ऑक्सीजन की सप्लाई को सुचारु रखेगा। पंखे की स्पीड को जरूरत के हिसाब से कम ज्यादा किया जा सकेगा।
यही नहीं हर 15 दिन में फिल्टर बदला जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान आठ घंटे तक लगातार मास्क पहनकर अभ्यास किया जा सकता है। इसका कोई नुकसान नहीं होगा। रात में बैटरी से इसे चार्ज कर पांच दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
सफल रहा प्रयोग तो आईओसी को भेजेंगे मास्क
मेहता के मुताबिक मास्क मंगवा लिए गए हैं। पहले इन्हें आईओए के मेडिकल कमीशन के समक्ष रखा जाएगा। उनकी अनुमति के बाद इन्हें ट्रायल के तौर पर पर खिलाड़ियों को वितरित किया जाएगा। कोई शिकायत नहीं आने पर इन्हें अनिवार्य कर दिया जाएगा। यही नहीं प्रयोग सफल रहा तो इस मास्क को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद और जापान ओलंपिक कमेटी को भी भेजा जाएगा।