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इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के जीएम को सीबीआई ने किया 2 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Tue, 12 Feb 2019 05:57 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
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इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के जीएम दिव्यज्योति दत्ता को 2 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आईओसी, गुवाहाटी के जेनरल मैनेजर बिजनेस रिप्रेजेंटेटिव बेंडांगनारो से रिश्वत ले रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरोपी अधिकारी ने पेट्रोल पंपों के आवंटन के लिए लॉटरी में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर उसे एक पेट्रोल पंप आवंटित कराने का वादा किया था। उन्होंने बताया कि कथित रिश्वत देने गये कारोबारी लाल चंद चौधरी और उनकी सहयोगी बेंडांगनारो आओ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि दत्ता सरकारी कंपनी में महाप्रबंधक(बिक्री) हैं। उन्होंने कंप्यूटर प्रणाली में छेड़छाड़ कर नए बिक्री केंद्रों की लॉटरी जीतने में उनकी मदद का आश्वासन दिया था। सीबीआई ने दत्ता, चौधरी, बेंडांगनारो के अलावा दो अन्य लक्ष्मी नरेन सोगनी और टोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार नियमित एवं ग्रामीण बिक्री केंद्रों के लिये डीलर के चयन को लेकर पिछले साल नवंबर में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन सहित तेल क्षेत्र के तमाम सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों ने संयुक्त विज्ञापन प्रकाशित किया था। यह चयन लॉटरी के आधार पर किया जाना था।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि दत्ता ने चौधरी के साथ मिलकर कथित रूप से साजिश रची। चौधरी नगालैंड में रहते हैं और दत्ता ने उन्हें रिश्वत के एवज में एक बिक्री केंद्र आवंटित करने का आश्वासन दिया था।

प्राथमिकी के अनुसार 24 दिसंबर को चौधरी ने दत्ता को यह सूचित किया कि उसने एक से अधिक बिक्री केंद्रों के लिये आवेदन किया है जिसमें नगालैंड के तूली के लिये किया गया आवेदन भी शामिल है। उसका दावा था कि यह आवेदन चुन लिया गया था।

इसमें आरोप लगाया गया कि सीबीआई को इस संबंध में सूचना मिली थी जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कम्यूटर प्रणाली में छेड़छाड़ किये जाने की आशंका जतायी गयी थी। इसलिए पूरी प्रणाली को ही बदल दिया गया।

दत्ता ने चौधरी से कहा था कि वह भाग्यशाली रहे क्योंकि कम्यूटर प्रणाली में बदलाव प्रभाव में आता इससे पहले ही उन्होंने चौधरी के नाम का चयन कर लिया था और इस चयन के लिये उन्होंने जल्द रिश्वत देने की मांग की।

जांच एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया कि दत्ता को 10 फरवरी को गुवाहाटी में पांच लाख रुपये की रिश्वत देने को कहा गया था। चौधरी ने बताया था कि वह अपनी कारोबारी सहयोगी बेंडांगनारो आओ नामक महिला के जरिए उन्हें दो लाख रुपये की पहली किस्त भेज रहा है।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि दत्ता ने चौधरी को दीमापुर में उसकी ओर से एक बीमा एजेंट को बीमा राशि के तौर पर 50,000 और 55,000 की राशि का भुगतान करने को भी कहा था।

उन्होंने बताया कि एजेंसी को ऐसे और मामलों की सूचना मिली और यह भी खुलासा हुआ कि वह रिश्वत की इस रकम से सोनितपुर में करोड़ों रुपये का महलनुमा भवन बनवा रहा था। जांच एजेंसी ने इस संबंध में दत्ता, बेंडांगनारो को सोमवार को रिश्वत की लेन-देन करते और बाद में चौधरी को गिरफ्तार किया।
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