भारतीय नौसेना अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पास 16 देशों की नेवी के साथ संयुक्त अभ्यास करने जा रही है। छह मार्च से शुरू होने वाला यह युद्धाभ्यास आठ दिन चलेगा। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर गैरकानूनी गतिविधियों का मुकाबला करना है।
प्रशांत महासागर में चीन की सैन्य नुमाइश के बीच होगा 6 मार्च से अभ्यास
कई देशों के इस अभ्यास को ‘मिलन’ नाम दिया गया है। यह अभ्यास प्रशांत महासागर में चीन की ओर से सैन्य ताकत की नुमाइश किए जाने के बीच हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास में भाग लेने वाले देशों के नौसेना प्रमुखों के विचार-विमर्श के दौरान यह मुद्दा उठ सकता है।
नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि संयुक्त अभ्यास और पेशेवर संवाद के जरिये सहयोग बढ़ाने के अलावा इसमें हिस्सा लेने वाले देशों को विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत संबंधों को विकसित करने मददगार होगा।
ये देश लेंगे हिस्सा
आस्ट्रेलिया, मलयेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, वियतनाम, थाईलैंड, तंजानिया, श्रीलंका, सिंगापुर, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, केन्या और कंबोडिया।
भारत, अमेरिका समेत कई देश विवादित दक्षिण चीन सागर में निर्बाध नौवहन पर जोर दे रहे हैं। पिछले साल नवंबर में भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव से मुक्त समुद्री मार्ग के लिए नई रणनीति तैयार करने की खातिर बहु-प्रतीक्षित चार पक्षीय गठबंधन को आकार दिया था।