Indian Navy: भारतीय नौसेना 27-28 अगस्त को कोच्चि में 'हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी' के तहत 'इमर्जिंग लीडर्स पैनल डिस्कशन' का आयोजन कर रही है, जिसमें 18 देशों के युवा नौसेना अधिकारी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, उभरती तकनीकों और प्रशिक्षण क्षमताओं पर सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारतीय नौसेना 27 से 28 अगस्त तक 'हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी' (आईओएनएस) के तहत 'इमर्जिंग लीडर्स पैनल डिस्कशन' की मेजबानी करेगी। यह कार्यक्रम नौसेना की कोच्चि स्थित दक्षिणी कमान होगा। रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 18 देशों के युवा नौसेना अधिकारियों को आपस में जोड़ने और संवाद स्थापित करने पर केंद्रित होगा।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नौसेना की दक्षिणी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल वी. श्रीनिवास होंगे। नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि इस कार्यक्रम में सदस्य देशों के नौसेना अधिकारी समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, उभरती हुई तकनीकों पर सहयोग और प्रशिक्षण क्षमताओं के बेहतर इस्तेमाल पर विचार किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में 20 से अधिक नौसेनाओं के अधिकारी और कुल 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। बयान के मुताबिक, यह पैनल चर्चा आईओएनएस ढांचे का एक हिस्सा है, जिसका मकसद सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें नौसेना अधिकारी क्षेत्रीय समुद्री मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।
परिचर्चा के प्रमुख विषय होंगे- 'हिंद महासागर क्षेत्र का रणनीतिक महत्व और चुनौतियां: युवा अधिकारियों की दृष्टि', 'समुद्री सुरक्षा में उभरती तकनीकें', 'समुद्री सुरक्षा के लिए सहयोग को बढ़ाने में आईओएनएस की भविष्य की भूमिका' और 'आईओएनएस देशों के बीच प्रशिक्षण क्षमताओं का उपयोग: भविष्य की रूपरेखा'। इससे पहले नौसेना ने नई दिल्ली में 24-25 जून को समुद्री सुरक्षा पर आईएनओएस के कार्यकारी समूह की बैठक की मेजबानी की थी।
रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया कि आईओएनएस की शुरुआत 2008 में भारतीय नौसेना ने की थी। इसका मकसद हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ाना है। आईओएनएस एक खुला और समावेशी मंच है जहां क्षेत्रीय समुद्री मुद्दों पर चर्चा की जाती है।