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चिंता : नौसेना ने कहा- चीन की श्रीलंका में मौजूदगी बन सकती है खतरा, भारत रख रहा नजर

Sun, 20 Jun 2021 03:01 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने कहा, नौसेना देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैयार
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indian navy - फोटो : twitter
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विस्तार
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भारतीय नौसेना ने कहा है कि चीन की श्रीलंका में मौजूदगी क्षेत्र के लिए खतरा बन सकती है। ऐसे में उस पर करीब से नजर रखी जा रही है। श्रीलंका में चीनी नौसेना को नई बंदरगाह परियोजनाएं दिए जाने पर भारतीय नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने कहा,  यह क्षेत्र में भारतीय हितों के लिए खतरा हो सकता है और इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।

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अशोक कुमार ने एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा, भारतीय नौसेना देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें किसी को हैरान होने की जरूरत नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या श्रीलंका में बंदरगाह पर चीन के कब्जा से भारत को खतरा हो सकता है?

इस पर अशोक कुमार ने कहा, अगर आप विश्लेषण करें कि यह खतरा है या नहीं, तो यह बेहद जटिल प्रश्न है। अगर कोई बाहरी इस क्षेत्र में इतनी दिलचस्पी दिखाना शुरू कर देता है तो यह हमारे लिए खतरा पैदा कर सकता है।
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साथ ही कहा भले ही इस क्षेत्र से उनके अधिकांश ऊर्जा स्रोत गुजरते हों और उनके पास ऐसा करने के लिए तर्कसंगत वजह हो सकती है। हमें केवल यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इस पर करीब से नजर रखी जाए।

चीन ने हंबनटोटा के बाद एक और बंदरगाह पर कब्जा जमाया
जब वाइस चीफ वाइस एडमिरल से यह पूछा गया कि क्या भारतीय नौसेना इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है, तो उन्होंने कहा, हां पूरे क्षेत्र पर। चीन श्रीलंका में पैठ बना रहा है, जहां उन्हें हाल ही में कोलंबो के पास एक बंदरगाह शहर पर कब्जा जमा लिया। इससे पहले चीन ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर नियंत्रण हासिल कर लिया था, जो उनके द्वारा बनाया गया था।

26/11 हमले के बाद भारत ने बढ़ाई तटीय सुरक्षा
यह सवाल पूछे जाने पर कि क्या चीनी हमें समुद्री मार्ग से हैरान कर सकते हैं जैसा कि उन्होंने पिछले साल उत्तरी जल क्षेत्र में किया था? उन्होंने कहा, मुंबई में 26/11 के हमले के बाद भारत ने तटीय सुरक्षा नेटवर्क की स्थापना जैसे कई कदम उठाए थे और निगरानी क्षमताओं को बढ़ाया था। ऐसे में इसका संभावना बेहद कम है।

साथ ही कहा हम एक दशक पहले जहां थे, उसके मुकाबले आज हमारी तैयारी बहुत बेहतर है। भविष्य में भारतीय नौसेना के पास नए तरीके के साजोसामान होंगे, जो उसकी क्षमता में और इजाफा करेंगे।

प्रीडेटर ड्रोन से समुद्री सीमाओं की रखी जा रही निगरानी
नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने कहा, बंगाल की खाड़ी से लेकर पूरी समुद्री सीमाओं पर प्रीडेटर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। यह चीन, जापान, श्रीलंका हर देश के जहाजों पर नजर रखने में सक्षम है। अब कोई हमें समुद्री सरहद पर नहीं चौंका सकता।

भारतीय नौसेना ने कहा, दो प्रीडेटर (एमक्यू-9 सी गार्डियन) ड्रोन पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बलों की निगरानी बढ़ाने में मदद कर रही है।
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भारतीय नौसेना अपने बेडे़ में छह नई पनडुब्बियां शामिल करने की तैयारी कर रही है। यह एक अहम फैसला है। इससे समुद्र में भारत की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

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