भारतीय नौसेना ने दो दिन के एक व्यापक रक्षा अभ्यास में शांति से लेकर युद्धकाल तक की आपात स्थितियों समेत समुद्री क्षेत्र में मौजूद सभी संभावित चुनौतियों से निपटने की भारत की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इस रक्षा अभ्यास के दायरे में देश का 7,516 किलोमीटर का तटीय क्षेत्र और विशेष आर्थिक क्षेत्र शामिल था।
अभ्यास में पूरे तटीय सुरक्षा तंत्र और भारतीय नौसेना तथा तटरक्षक बल के जमीन पर तैनात 110 से अधिक आयुध को शामिल किया गया, जिससे यह अभी तक सबसे व्यापक अभ्यास बन गया। नौसेना ने एक बयान में कहा कि सी विजिल के वैचारिक और भौगोलिक विस्तार में देश का पूरा तट और विशेष आर्थिक क्षेत्र शामिल था और इसमें शांति से लेकर युद्ध-काल तक की आपात स्थितियों में उत्पन्न हो सकने वाली चुनौतियों की समीक्षा की गई।
इसके अलावा सशस्त्र बलों के अधिकारियों और दिग्गजों ने गौरव स्तंभ पर माल्यार्पण किया। गौरव स्तंभ एक स्मारक है जो समुद्र के विजय उपलक्ष्य में बनाया गया था, वहीं यह स्तंभ पश्चिमी नौसेना कमान के सभी तैनात कर्मियों को श्रद्धांजलि देता है।