रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार, यह सम्मेलन नौसेना कमांडरों के बीच महत्वपूर्ण रणनीतिक, परिचालन और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श की सुविधा प्रदान करने वाला शीर्ष स्तरीय द्विवार्षिक कार्यक्रम है।
समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में उभरती भू-राजनीतिक और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच नौसेना कमांडरों के सम्मेलन का दूसरा संस्करण मंगलवार से शुरू हो रहा है। यह सम्मेलन नौसेना के भविष्य की कार्यप्रणाली को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार, यह सम्मेलन नौसेना कमांडरों के बीच महत्वपूर्ण रणनीतिक, परिचालन और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श की सुविधा प्रदान करने वाला शीर्ष स्तरीय द्विवार्षिक कार्यक्रम है। सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय अपेक्षाओं से संबंधित मामलों पर नौसेना कमांडरों को संबोधित करेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के प्रमुखों के साथ, नौसेना कमांडरों से संघर्ष के विभिन्न क्षेत्रों में तीनों सेवाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा करेंगे।
बयान में कहा गया है कि नौसेना प्रमुख के अध्यक्षीय भाषण के साथ सम्मेलन की शुरुआत होगी। वह पिछले छह महीनों में भारतीय नौसेना की ओर से की गई प्रमुख परिचालन, सामग्री, रसद, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।