भारतीय नौसेना ने व्यापारिक जहाज एमवी केम प्लूटो पर हमले और क्षेत्र में हाल की घटनाओं के मद्देनजर अरब सागर में केंद्रित समुद्री सुरक्षा अभियान शुरू किया है। नौसेना मंगलवार को इसकी जानकारी दी। मंगलवार को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा कि जहाजों पर हमलों के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कुछ घंटों बाद नौसेना ने ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा की।
भारत के पश्चिमी तट पर शनिवार को अरब सागर में लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज पर ड्रोन हमला किया गया था। इस घटना से समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई। यह घटना में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के कई व्यापारिक जहाजों पर हमले के बीच हुई। एमवी केम प्लूटो के बाद उसी दिन भारत आ रहे एक दूसरा व्यापारिक तेल टैंकर एमवी साईं बाबा दक्षिणी लाल सागर में संदिग्ध ड्रोन हमले की चपेट में आया था।
एमवी केम प्लूटो पर ड्रोन हमले की आशंका
नौसेना ने मंगलवार को बताया कि एमवी केम प्लूटो के चालक दल से मिली जानकारी और हमले वाली जगह की जांच और विश्लेषण से पता चला है कि सबसे अधिक आशंका ड्रोन हमले की ही है। इस विश्लेषण से यह तय हो गया है कि ड्रोन से जो विस्फोटक दागा गया वह पूरी तरह फटा जिसके कारण पोत को तगड़ा नुकसान पहुंचा। विस्फोटक के अवशेषों को नौसेना ने आगे की फोरेंसिक जांच के लिए एकत्र किया है और इसके नतीजों का मिलान दूसरी एजेंसियों के निष्कर्षों से किया जाएगा।
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार को आईएनईओडी की ओर से किए गए शुरुआती विश्लेषण की जानकारी दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। नौसेना ने कहा कि अरब सागर में हालिया समुद्री घटनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सघन ऑपरेशन शुरू किया गया है। क्षेत्र में भारतीय युद्ध पोतों और वायु निगरानी बढ़ा दी गई है। व्यापारिक पोतों की सुरक्षा के लिए अन्य समुद्री रक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाया गया है।
जहाजों पर हमला करने वालों को पाताल से भी खोज लाएंगे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अरब सागर में वाणिज्यिक जहाज ‘एमवी केम प्लूटो’ और लाल सागर में तेल टैंकर जहाज ‘एमवी साईबाबा’ पर हुए ड्रोन हमलों के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमलों के जिम्मेदार लोगों को पाताल से भी खोजकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में मंगलवार को आईएनएस इंफाल को नौसेना में शामिल करने के बाद राजनाथ ने यह चेतावनी दी। राजनाथ ने कहा, समुद्र में हलचल इन दिनों ज्यादा बढ़ गई है। भारत की बढ़ती ताकत ने कुछ देशों को ईर्ष्या व द्वेष से भर दिया है। वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन हमले को भारत ने गंभीरता से लिया है। नौसेना ने समुद्र में गश्त बढ़ा दी है। भारत पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता की भूमिका निभा रहा है। सुनिश्चित करेंगे कि समुद्री व्यापार आकाश की ऊंचाइयों तक पहुंचे। हम मित्र देशों से समुद्री व्यापार के लिए मार्गों को सुरक्षित रखेंगे।